Delhi News: दिल्ली की सड़कों को जाम मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का ‘प्रोजेक्ट संगम’ अब एक बड़ा जन-आंदोलन बनता जा रहा है। पिछले महज दो हफ्तों के भीतर ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी के अलग-अलग इलाकों में 61 कम्युनिटी मीटिंग्स कर जनता से सीधा संवाद स्थापित किया है।
इन बैठकों में आरडब्ल्यूए (RWA), मार्केट एसोसिएशनों, ऑटो-रिक्शा यूनियनों, टैक्सी ऑपरेटरों और छात्रों को शामिल किया गया। संवाद के दौरान पुलिस को कुल 104 शिकायतें और सुझाव मिले। इनमें से 87 समस्याओं का ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर ही निपटारा कर दिया, जिससे लोगों को तुरंत बड़ी राहत मिली।
बाकी बचे 16 मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) जैसी संबंधित नागरिक एजेंसियों को भेज दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि आम जनता की सीधी भागीदारी से दिल्ली के यातायात प्रबंधन को पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी और सुगम बनाया जा सकता है।
नियम तोड़ने वालों पर कड़ा एक्शन, चलाए गए 40 विशेष अभियान
प्रोजेक्ट संगम के तहत लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। गलत दिशा में गाड़ी चलाने, ट्रिपल राइडिंग, मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने और अवैध पार्किंग के खिलाफ 40 से अधिक विशेष अभियान चलाए गए। इस दौरान नियम तोड़ने वाले हजारों वाहनों के चालान काटे गए।
ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली गेट, चावड़ी बाजार, पहाड़गंज, कश्मीरी गेट, झंडेवालान और टिकरी बॉर्डर जैसे व्यस्त इलाकों में 15 विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी चलाए। इसके अलावा करोल बाग, बुराड़ी और यमुना विहार क्षेत्रों में ई-रिक्शा और टैक्सी चालकों को अनुशासित करने के लिए 10 बड़े कैंप लगाए गए।
जनता से मिले फीडबैक के आधार पर ट्रैफिक पुलिस ने पीडब्ल्यूडी के साथ मिलकर छह प्रमुख स्थानों पर नए स्पीड ब्रेकर और यू-टर्न बनाने का काम शुरू कर दिया है। वहीं, एमसीडी के सहयोग से पांच बड़े मार्केट क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की मुहिम को भी तेज कर दिया गया है।
Author: Gaurav Malhotra


