दिल्लीवालों पर महंगाई का डबल अटैक! युद्ध के चलते थाली से लेकर सफर तक सब कुछ हुआ बेहद महंगा

Delhi News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध का सीधा असर अब दिल्ली के आम नागरिकों की जेब पर पड़ने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के बाद राजधानी में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इस ईंधन संकट ने दिल्ली में चौतरफा महंगाई बढ़ा दी है।

ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण दिल्ली में सुबह की चाय-नाश्ते से लेकर रेस्तरां का खाना तक महंगा हो गया है। परिवहन लागत बढ़ने से माल ढुलाई और ऑटो-टैक्सी का किराया भी बढ़ गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर युद्ध और शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी रही, तो आने वाले दिनों में एफएमसीजी (FMCG) कंपनियां अपने प्रॉडक्ट्स के दाम और ज्यादा बढ़ा सकती हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने के मध्य से लेकर अब तक दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं, सीएनजी के दाम भी 5 रुपये तक बढ़ गए हैं। इतना ही नहीं, इस साल अब तक कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1,032 रुपये तक का भारी इजाफा हुआ है।

स्ट्रीट फूड से लेकर बड़े रेस्तरां तक 20% तक बढ़े दाम

ईंधन और गैस के दाम बढ़ने से दिल्ली के स्ट्रीट फूड वेंडर्स और रेस्तरां संचालकों ने अपने मेन्यू कार्ड बदल दिए हैं। नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष संदीप आनंद गोयल ने बताया कि पीएनजी और कमर्शियल एलपीजी महंगी होने से रेस्तरां में व्यंजनों के दाम 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।

दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्ट्रीट फूड स्टॉल चलाने वाले दिनेश ने बताया कि रसोई गैस महंगी होने के कारण उन्हें मजबूरन समोसे और चाय के दाम 10 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये करने पड़े हैं। दिल्ली में इस समय छोटे-बड़े मिलाकर 50 हजार से अधिक फूड आउटलेट्स हैं, जहां कच्चे माल और माल ढुलाई की वजह से कीमतें बढ़ी हैं।

सूखे मेवे, चावल और किराना सामान भी हुआ महंगा

खारी बावली के थोक व्यापारी नंद किशोर के अनुसार, पश्चिम एशिया के संकट के कारण अमेरिका और ईरान से आने वाले सूखे मेवे, खासकर बादाम और पिस्ता के दाम 20 से 50 प्रतिशत तक उछल गए हैं। पूर्वी दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर में किराना दुकान चलाने वाले मोहित गुप्ता ने बताया कि चावल और खाद्य तेलों के दाम में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर/किलो तक की तेजी आई है।

ईंधन की मार से दिल्ली में रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले दूध के दाम भी 2 से 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। ऑटो और टैक्सी चालकों ने भी सीएनजी के बढ़ते दामों का हवाला देते हुए अपना किराया 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। माल ढुलाई महंगी होने से हर छोटे-बड़े सामान की इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है।

दिल्ली में विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर बढ़ी कीमतें

वस्तु / सेवा मूल्य वृद्धि की स्थिति चावल 10 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगा खाद्य तेल 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी रेस्तरां में खाना 5 से 30 रुपये प्रति व्यक्ति तक की वृद्धि माल ढुलाई (कमर्शियल) 1.20 से 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर तक महंगा यात्रा खर्च (ऑटो-टैक्सी) 20 से 100 रुपये तक की अतिरिक्त मार

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) बाधित होने की वजह से आयातित सामानों की डिलीवरी में देरी हो रही है। यदि वैश्विक स्तर पर तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो स्थानीय बाजारों में जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ सकती है, जिससे आम जनता की परेशानियां और अधिक बढ़ेंगी।

Author: Gaurav Malhotra

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