West Bengal News: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक फेरबदल होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट का आज सुबह भव्य विस्तार होने वाला है। इस विशेष राजनीतिक घटनाक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी के 35 नए विधायक मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे।
कोलकाता के प्रतिष्ठित लोक भवन में सुबह 11 बजे भव्य शपथ ग्रहण समारोह शुरू होगा। राज्य के माननीय राज्यपाल आर एन रवि सभी मनोनीत नए मंत्रियों को उनके पद की शपथ दिलाएंगे। इस बड़े कैबिनेट विस्तार को लेकर पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
दिल्ली में शीर्ष भाजपा आलाकमान ने लगाई अंतिम मुहर
पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने दिल्ली का दौरा किया था। वहां उन्होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई मैराथन बैठकें की थीं। लंबी चर्चा के बाद ही इन 35 नए मंत्रियों के नामों की सूची को अंतिम रूप दिया गया था।
आज शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही सभी नए मंत्रियों के विभागों का आधिकारिक एलान हो सकता है। किस वरिष्ठ नेता को कौन सा महत्वपूर्ण मंत्रालय मिलेगा, इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। भाजपा आलाकमान ने अपनी रणनीतिक गोपनीयता बनाए रखने के लिए लिस्ट को पूरी तरह गुप्त रखा था।
राजभवन से इन प्रमुख विधायकों को आया फोन
पुख्ता सूत्रों के मुताबिक देर रात राजभवन से कई दिग्गज विधायकों को फोन पहुंचा है। शपथ लेने वाले संभावित चेहरों में प्रमुख रूप से अर्जुन सिंह, दीपक बर्मन और कलिता माजी शामिल हैं। इनके अलावा विशाल लामा, मौमिता विश्वास मिश्रा और जोयेल मुर्मू को भी बुलावा मिला है।
युवा नेता इंद्रनील खान, पूर्णिमा चक्रवर्ती, दूधकुमार मंडल और पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा भी मंत्री बनेंगे। सूची में मालती रावा रॉय, गार्गी दास घोष, डॉ. स्वपन दासगुप्ता और तापस रॉय का नाम है। डॉ. शंकर घोष और डॉ. सारदवत मुखर्जी को भी फोन गया है।
इनके साथ ही जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, गौरीशंकर घोष, मनोज उराव, अजय कुमार पोद्दार और अरूप कुमार दास भी शपथ लेंगे। पार्टी ने अपने इस विशेष मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को पूरी तरह साधने का एक बहुत ही शानदार प्रयास किया है।
संख्या बल के हिसाब से अब इतने ताकतवर हो जाएंगे शुभेंदु अधिकारी
इन 35 नए मंत्रियों के शपथ लेते ही शुभेंदु कैबिनेट में कुल मंत्रियों की संख्या बढ़कर 41 हो जाएगी। इसके बावजूद भविष्य में तीन और नए मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश बची रहेगी। नियमों के मुताबिक राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या कुल सीटों की 15 प्रतिशत ही हो सकती है।
Author: Sourav Banerjee


