तंबाकू का एक-एक कश शरीर में घोल रहा है धीमा जहर, पेट और आंतों को बना रहा कैंसर का घर

Health: तंबाकू का सेवन किसी भी रूप में किया जाए, यह पूरे शरीर के लिए एक जानलेवा जहर की तरह काम करता है। चाहे इसे सिगरेट-बीड़ी के धुएं के रूप में लिया जाए या गुटखा-खैनी की तरह चबाया जाए, इसके खतरनाक केमिकल हमारे पाचन तंत्र को पूरी तरह से बर्बाद कर देते हैं।

जब कोई व्यक्ति तंबाकू का इस्तेमाल करता है, तो इसमें मौजूद जहरीले तत्व मुंह, गले, भोजन नली और पेट के सीधे संपर्क में आते हैं। धीरे-धीरे ये हानिकारक टॉक्सिन्स पाचन तंत्र की अंदरूनी परतों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। इससे सेल्स अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं, जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर का कारण बनती हैं।

कैंसर हीलर सेंटर दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. तरंग कृष्णा के अनुसार, तंबाकू और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के बीच बेहद सीधा और गहरा संबंध है। स्मोकिंग का धुआं गले और भोजन नली की नाजुक अंदरूनी परत को बुरी तरह नष्ट कर देता है, जिससे कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

पेट और आंतों की परतों को पहुंचता है भारी नुकसान

तंबाकू का यह घातक नुकसान सिर्फ सांस की नली तक ही सीमित नहीं रहता है। इसके जहरीले तत्व पेट और आंतों की कोशिकाओं को भी कमजोर कर देते हैं। इसकी वजह से पेट के कैंसर, गंभीर अल्सर और एसिडिटी जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता चला जाता है।

इसके साथ ही तंबाकू हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को बेहद कमजोर कर देता है। जब शरीर की इम्यूनिटी घटती है, तो हमारा डिफेंस सिस्टम कैंसर सेल्स से लड़ नहीं पाता। इस वजह से कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाएं शरीर में बहुत तेजी से फैलने लगती हैं।

वैश्विक स्टडी में हुआ चौंकाने वाला बड़ा खुलासा

हालिया वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, तंबाकू में मौजूद फ्री पार्टिकल्स और खतरनाक यौगिक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम की सुरक्षात्मक परत को नष्ट कर देते हैं। यह पेट के अंदरूनी हिस्से में सूजन को बढ़ाते हैं और सुरक्षा करने वाले म्यूकस डिस्चार्ज और ब्लड फ्लो को बहुत कम कर देते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दशकों में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर में थोड़ी कमी जरूर आई है। इसके बावजूद, आबादी बढ़ने और लंबी उम्र के कारण तंबाकू से मरने वालों की कुल संख्या बढ़ी है। पुरुषों और बुजुर्गों पर इसका सबसे घातक असर देखा जा रहा है।

गंभीर रिसर्च रिपोर्ट बताती हैं कि तंबाकू के लगातार सेवन से भोजन नली का कैंसर सबसे तेजी से प्रभावित कर रहा है। डॉ. तरंग कृष्णा के मुताबिक, पाचन तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए तंबाकू और स्मोकिंग जैसी जानलेवा आदतों से आज ही पूरी तरह दूरी बना लेना बेहद जरूरी है।

Author: Asha Thakur

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