Kaushambi News: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में गुरुवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इसके कारण पूरे जिले की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। भीषण उमस और गर्मी के बीच पिछले 38 घंटों से बिजली पूरी तरह गुल है।
विद्युत आपूर्ति ठप होने से हजारों लोगों के सामने अब पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए चारों तरफ त्राहि-त्राहि मची हुई है। लोग बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी की तलाश में मीलों भटकने को मजबूर हैं।
अधिकारियों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर 25 विद्युत उपकेंद्रों और 60 फीडरों से आपूर्ति सामान्य करने का दावा किया है। लेकिन विभागीय दावों और जमीनी हकीकत में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। दर्जनों गांवों के लोग आज भी घने अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
अर्का महावीरपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सरायअकिल क्षेत्र के करीब 25 गांवों में शनिवार शाम तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। इस उमसभरी गर्मी में बिजली न रहने से लोगों का जीना पूरी तरह मुहाल हो गया है। पेयजल व्यवस्था ठप होने से जनता में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस उपकेंद्र की विद्युत व्यवस्था लंबे समय से बेहद बदहाल है। यहां करीब 20 वर्ष पुराने जर्जर तारों के सहारे बिजली की सप्लाई की जा रही है। इसके चलते आए दिन शार्ट सर्किट और तार टूटने की बड़ी घटनाएं होती रहती हैं।
बिजली संकट का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, महिलाओं और मासूम बच्चों पर पड़ रहा है। भयंकर उमस के कारण लोग रातभर छतों पर जागने को मजबूर हैं। वहीं हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और दिल के मरीजों की तबीयत लगातार खराब हो रही है।
पानी का टैंकर देखते ही टूट पड़े बेहाल ग्रामीण
गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े बिजिया बाजार, आंबा कुआं, कोसम, गढ़वा और पाली समेत कई गांवों में हालात बेहद गंभीर हैं। शनिवार को फोरलेन निर्माण कार्य में लगा पानी का एक टैंकर जैसे ही आंबाकुआं पहुंचा, वहां भारी भीड़ जमा हो गई।
ग्रामीण बाल्टी और खाली डिब्बे लेकर पानी भरने के लिए टैंकर पर टूट पड़े। टैंकर से पानी मिलने पर लोगों को कुछ राहत जरूर मिली। लेकिन इस नजारे ने क्षेत्र में उत्पन्न हुए पानी के गंभीर संकट की पोल खोलकर रख दी है।
बिजिया बाजार के व्यापारियों का कहना है कि वे वर्षों से ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कम क्षमता के कारण यहां बार-बार तकनीकी खामी आती है। लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उनकी समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
आंधी-बारिश से जिले में 1000 बिजली पोल हुए धराशायी
विद्युत विभाग के अनुसार तेज आंधी और बारिश के कारण जिले में करीब 1000 बिजली के पोल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके कारण 25 विद्युत उपकेंद्र और 60 फीडर सीधे प्रभावित हुए। हालात सुधारने के लिए 550 कर्मचारियों को लगाया गया।
बिजली विभाग की विशेष टीमों ने रातभर टूटे तारों को जोड़ने और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का काम किया है। बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर शंकर लाल ने बताया कि कमजोर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
जेई के मुताबिक जो बिजली पोल अधिक क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें तेजी से बदलवाया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि रविवार शाम तक सभी प्रभावित इलाकों की बिजली पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी। ग्रामीण जल्द से जल्द जर्जर तार बदलने की मांग कर रहे हैं।
Author: Ajay Mishra


