Meerut News: बकरीद की नमाज के बाद ईदगाह परिसर से सामने आए एक वीडियो ने मेरठ में विवाद खड़ा कर दिया है। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने देहलीगेट निवासी अहसान और उसके कुछ अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अहसान को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। वीडियो में देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया।
रेलवे रोड थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी अहसान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
गिरफ्तारी के बाद मांगी माफी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी अहसान ने अपने बयान में कहा कि उससे गलती हुई है और वह इसके लिए माफी मांगता है। बताया गया कि उसने थाने में देश के महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर बैठे पदाधिकारियों के कार्यों की सराहना भी की और कहा कि सरकार कई अच्छे काम कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय ईदगाह परिसर और उसके आसपास पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था। इसके बावजूद कथित रूप से की गई टिप्पणियों ने माहौल को प्रभावित करने का प्रयास किया। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और संभावित उद्देश्य की भी जांच कर रही है।
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप
सीओ नवीना शुक्ला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपी पर सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने और सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप सामने आए हैं। इसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की तकनीकी जांच जारी है। साथ ही वायरल सामग्री के स्रोत और उसे प्रसारित करने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना स्वतः हुई या इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित योजना थी।
मेरठ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मामले में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
Author: Ajay Mishra

