World News: इबोला वायरस का खतरनाक प्रकोप दुनिया भर में लगातार तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस जानलेवा बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा ने बड़ा कदम उठाया है। इन तीनों देशों ने अफ्रीकी इलाकों से आने वाले यात्रियों के लिए बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है।
उत्तरी अमेरिका में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप को देखने के लिए लाखों पर्यटक आने वाले हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों और खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ही यह बड़ा फैसला किया गया है। तीनों देशों ने मिलकर एक संयुक्त और बेहद सख्त आधिकारिक बयान जारी किया है।
इस संयुक्त बयान में कहा गया है कि अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा ने एक समान सार्वजनिक स्वास्थ्य यात्रा नियम लागू किए हैं। यह पाबंदी इबोला वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित और खतरे वाले अफ्रीकी इलाकों से आने वाले सभी नागरिकों और पर्यटकों पर समान रूप से लागू होगी।
फीफा वर्ल्ड कप के दौरान पर्यटकों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता
तीनों देशों की सरकारों के अनुसार इस संयुक्त रणनीति का एकमात्र मुख्य मकसद अपने नागरिकों की रक्षा करना है। इसके साथ ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान आने वाले लाखों प्रशंसकों, फुटबॉल एथलीटों और विदेशी पर्यटकों को संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
बयान में स्पष्ट किया गया है कि नए सुरक्षा नियमों के साथ सीमाओं पर व्यापार सुचारू रहेगा। आर्थिक गतिविधियों और सामान्य यात्रा को प्रभावित किए बिना सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जा रहा है। उत्तरी अमेरिका में आने वाले हर एक व्यक्ति का स्वास्थ्य उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
इस बीच अमेरिकी सरकार इबोला वायरस के संदिग्ध मरीजों को लेकर एक अलग योजना पर काम कर रही है। वायरस के संपर्क में आए अमेरिकी नागरिकों को सीधे स्वदेश लाने के बजाय अफ्रीका के केन्या में बने विशेष केंद्र में रखने की तैयारी की जा रही है।
ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सेना को केन्या में क्वारंटीन सेंटर बनाने के दिए निर्देश
अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी एक नई रिपोर्ट में इस पूरी योजना का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिकी सेना को विशेष निर्देश दिए हैं। सेना को एक हफ्ते के भीतर केन्या के मध्य हिस्से में क्वारंटीन सेंटर बनाना होगा।
इस नवनिर्मित विशेष केंद्र में उन अमेरिकी नागरिकों को रखा जाएगा जो वायरस के सीधे संपर्क में आए हैं। इन संक्रमित मरीजों को अमेरिका से विशेष रूप से मंगाए गए अत्याधुनिक बायो-कंटेनमेंट यूनिट्स के भीतर पूरी तरह सुरक्षित और अलग-थलग रखा जाएगा।
शुरुआती सैन्य योजना के तहत केन्या में एक हफ्ते के भीतर 50 बिस्तरों वाला एक आधुनिक यूनिट तैयार होगा। स्वास्थ्य संकट बढ़ने पर इस यूनिट की क्षमता को बढ़ाकर 250 बेड तक आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी पब्लिक हेल्थ सर्विस के वरिष्ठ सदस्य इस समय विशेष ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में इस खतरनाक वायरस से निपटने और इलाज करने का कड़ा अभ्यास कर रहे हैं ताकि स्थिति को समय रहते संभाला जा सके।
Author: Pallavi Sharma


