Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने आपदा राहत और पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक समर्थित 2687 करोड़ रुपए के एचपी-रेडी प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट समीक्षा के बाद राज्य सरकार ने लोन एग्रीमेंट साइन करने का फैसला लिया। यह परियोजना 2026 से 2031 तक लागू रहेगी और आपदा प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण कार्य तेज करेगी।
राज्य सरकार के अनुसार इस परियोजना का पूरा नाम हिमाचल प्रदेश रिजीलियंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी यानी एचपी-रेडी प्रोजेक्ट है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई करना है। प्रोजेक्ट पर पहले ही समझौता होना था, लेकिन परियोजना निदेशक के पद पर लगातार बदलाव के कारण प्रक्रिया में देरी हुई।
विश्व बैंक और राज्य सरकार की संयुक्त पहल
यह परियोजना करीब 312 मिलियन डॉलर की है। इसमें 20 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। सरकार के हिस्से की राशि लगभग 62 मिलियन डॉलर होगी। विश्व बैंक और हिमाचल सरकार मिलकर इस योजना को लागू करेंगे। इसका मुख्य फोकस आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत और सुरक्षित ढांचा तैयार करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023 से 2025 के बीच हिमाचल प्रदेश में 86 बादल फटने, 234 भूस्खलन और 121 फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज हुईं। इन प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश को 12,500 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ। इसी नुकसान की भरपाई और भविष्य की तैयारी के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
सड़क, पुल और बिजली ढांचे पर रहेगा फोकस
एचपी-रेडी प्रोजेक्ट के तहत सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं और बिजली परियोजनाओं का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके साथ सरकारी भवनों को भी मजबूत बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ऐसी संरचनाएं तैयार करना है, जो भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं का सामना आसानी से कर सकें और लोगों को कम नुकसान हो।
परियोजना में अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके अलावा नदी-नालों का वैज्ञानिक प्रबंधन, भू-स्खलन और फ्लड रिस्क मैपिंग जैसी योजनाएं लागू होंगी। राज्य सरकार आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की क्षमता बढ़ाने और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी काम करेगी।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी फायदा
सरकार इस प्रोजेक्ट के जरिए किसानों और बागबानों के लिए सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। नियंत्रित वातावरण यानी सीए स्टोर बनाने की योजना भी शामिल है। इसके अलावा ग्रीन पंचायत जैसी पहलें शुरू होंगी। इन योजनाओं का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और आपदा के समय लोगों की आजीविका सुरक्षित रखना है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश को जलवायु परिवर्तन से पैदा हो रहे खतरों से निपटने में मदद करेगी। साथ ही संवेदनशील इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने में भी सहायता मिलेगी। सरकार ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से परियोजना लागू करने के निर्देश दिए हैं।
Author: Sunita Gupta


