Himachal Pradesh News: हिमाचल पंचायत चुनाव 2026 के दूसरे चरण में हमीरपुर जिले से बड़ा मामला सामने आया। री पंचायत के कंगरी गांव वार्ड नंबर-1 में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। सड़क न बनने से नाराज 288 मतदाताओं में से कोई भी वोट डालने बूथ पर नहीं पहुंचा।
पंचायत चुनाव के लिए सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ था। प्रशासन ने कंगरी गांव के वार्ड नंबर-1 में मतदान केंद्र पर सभी जरूरी इंतजाम किए थे। सुरक्षाकर्मी तैनात रहे और चुनाव कर्मचारी मतदाताओं का इंतजार करते रहे। इसके बावजूद पूरे वार्ड से एक भी मतदाता बूथ पर नहीं आया।
सड़क नहीं बनी तो वोट नहीं देंगे
ग्रामीणों की नाराजगी का मुख्य कारण सड़क सुविधा की कमी बताया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग उठा रहे हैं। हर बार उन्हें आश्वासन मिला, लेकिन जमीन पर काम आगे नहीं बढ़ा। इसी वजह से ग्रामीणों ने साफ कहा कि विकास नहीं तो वोट नहीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कंगरी गांव के वार्ड नंबर-1 में कुल 288 मतदाता हैं। इनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। मतदान के दिन किसी भी परिवार से कोई व्यक्ति वोट डालने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने सामूहिक फैसला लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी नाराजगी पहुंचाने की कोशिश की।
मतदान केंद्र पर चुनाव अधिकारी समय पर पहुंचे थे। पुलिस बल भी शांतिपूर्ण मतदान के लिए मौजूद रहा। लेकिन बूथ खाली रहा और मतदाता सूची में दर्ज नामों के सामने वोट नहीं पड़े। पूरे दिन कर्मचारी ग्रामीणों की राह देखते रहे। यह स्थिति प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गई।
विकास की अनदेखी से बढ़ा ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किसी भी गांव की बुनियादी जरूरत है। सड़क न होने से मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। बरसात के दिनों में दिक्कत और बढ़ जाती है। लोगों ने कहा कि जब समस्या नहीं सुनी गई, तो बहिष्कार ही आखिरी रास्ता बचा।
कंगरी गांव का यह मामला अब पूरे हमीरपुर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पंचायत चुनाव के बीच इस तरह का सामूहिक बहिष्कार प्रशासन के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। ग्रामीणों ने वोट के अधिकार को दबाव नहीं, बल्कि अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक तरीका बताया।
दूसरे चरण में राज्य के कई हिस्सों में मतदान को लेकर उत्साह दिखा। वहीं, कंगरी वार्ड का खाली बूथ अलग तस्वीर पेश करता रहा। ग्रामीणों ने कहा कि वे चुनाव प्रक्रिया का सम्मान करते हैं, लेकिन विकास कार्यों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सड़क निर्माण पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन की ओर से मतदान केंद्र पर शांति बनाए रखी गई। किसी तरह की झड़प या तनाव की सूचना नहीं मिली। हालांकि, 100 प्रतिशत बहिष्कार ने अधिकारियों का ध्यान गांव की समस्या की ओर खींचा है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी सड़क मांग पर जल्द गंभीर कदम उठेंगे।
Author: Sunita Gupta

