Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग खत्म हो गई है। राज्य की 1276 पंचायतों और 7334 वार्डों में मतदाताओं ने ग्रामीण सरकार चुनने के लिए मतदान किया। दोपहर एक बजे तक 61.67 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई। महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही।
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण में कुल 17,28,398 मतदाता वोट डालने के पात्र थे। इनमें से दोपहर एक बजे तक 10,65,820 मतदाता मतदान कर चुके थे। सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर कतारें दिखीं। ग्रामीण इलाकों में बुजुर्ग, महिलाएं और युवा उत्साह के साथ पहुंचे।
मतदान सुबह तय समय पर शुरू हुआ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरा कराया गया। कई पंचायतों में मतदाता सुबह से ही बूथों पर पहुंच गए थे। आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए पहले से तैयारी की थी। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
महिला वोटरों ने फिर दिखाई मजबूत भागीदारी
दूसरे चरण के मतदान में महिला मतदाताओं की मौजूदगी खास रही। कई जगह महिलाओं ने पुरुषों से आगे रहकर वोट डाला। पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण पहले से लागू है। इसी कारण गांवों की राजनीति में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है। इस बार भी बूथों पर उनका उत्साह साफ दिखा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने समीरपुर में परिवार के साथ मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने लोगों से पंचायत चुनाव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था लोकतंत्र की जड़ को मजबूत करती है और गांवों का विकास यहीं से तय होता है।
अनुराग ठाकुर ने महिला प्रतिनिधित्व को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। उनके अनुसार, महिलाओं ने पिछले वर्षों में ग्रामीण स्तर पर बेहतर काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए प्रतिनिधि गांवों में विकास का नया अध्याय शुरू करेंगे।
हमीरपुर और मंडी में दिखा खास उत्साह
जिला हमीरपुर में दोपहर एक बजे तक 62.46 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। विकास खंड बिझड़ी में 11 बजे तक 40.28 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी। विकास खंड हमीरपुर में सुबह नौ बजे तक 20.20 प्रतिशत मतदान हुआ। कई गांवों में बुजुर्ग मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के पर्व में हिस्सा लिया।
मंडी जिले में दोपहर एक बजे तक 63.24 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। मैन भरोला पंचायत में महिलाओं की लंबी कतारें दिखीं। इसी पंचायत में 85 वर्षीय रुको देवी ने भी वोट डाला। जलपेहड़ ग्राम पंचायत में 87 वर्षीय संतु राम ने अपनी पत्नी के साथ मतदान कर लोगों को प्रेरित किया।
मंडी जिले की धवाहन पंचायत में पहली बार वोट डालने वाली सरिता ने विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि गांव में पुस्तकालय की जरूरत है, ताकि विद्यार्थी पढ़ सकें और आगे बढ़ सकें। उन्होंने सड़क की खराब हालत का मुद्दा भी उठाया। युवा मतदाताओं की ऐसी मांगें चुनाव को स्थानीय मुद्दों से जोड़ती हैं।
बुजुर्ग मतदाताओं ने बढ़ाया लोकतंत्र का मान
हमीरपुर में 116 वर्षीय खड़कूराम ने वोट डालकर लोगों का ध्यान खींचा। बिलासपुर की ग्राम पंचायत सुईं सुरहाड़ में 100 वर्षीय महंती देवी ने वार्ड नंबर दो में मतदान किया। कुल्लू में 90 वर्षीय जनक राज भी बूथ पर पहुंचे। इन बुजुर्ग मतदाताओं ने युवाओं को बड़ा संदेश दिया।
ग्राम पंचायत लालपानी के गुणसा वार्ड में 95 वर्षीय हरि सिंह ने करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर मतदान किया। ग्राम पंचायत डवाहण में परमवीर चक्र से सम्मानित 88 वर्षीय काशीराम ने वोट डाला। कई मतदान केंद्रों पर बुजुर्गों के लिए सहयोग की व्यवस्था दिखी, ताकि वे आसानी से मतदान कर सकें।
हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने अपनी ग्राम पंचायत गोन्दपुर जयचंद में मतदान किया। पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने भी वोट डाला और स्याही का निशान दिखाते हुए तस्वीर साझा की। कई राजनीतिक और सामाजिक चेहरों ने लोगों से मतदान को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी मानकर निभाने की अपील की।
सुबह नौ बजे तक प्रदेश में 20.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। शिमला में इसी समय तक करीब 21 प्रतिशत वोटिंग हुई। सुबह 11 बजे तक राज्य का कुल मतदान 43.56 प्रतिशत पहुंच गया। दोपहर एक बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 61.67 प्रतिशत हो गया। अंतिम मतदान प्रतिशत बाद में जारी होगा।
पहले चरण में 1293 पंचायतों के लिए मतदान मंगलवार को हुआ था। उसमें 78.90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 1276 पंचायतों के लिए वोटिंग हुई। तीसरे और अंतिम चरण में 1274 पंचायतों के लिए मतदान 30 मई को होगा। इसके बाद पंचायत चुनाव की पूरी तस्वीर साफ होगी।
दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद कई पंचायतों में मतगणना की तैयारी शुरू हुई। ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान और उपप्रधान पदों के लिए गिनती मतदान के बाद होनी है। पंचायत समिति और जिला परिषद से जुड़े नतीजों के लिए अलग प्रक्रिया रहेगी। प्रशासन ने मतगणना स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
हिमाचल के पंचायत चुनाव गांवों की सरकार चुनने का बड़ा मौका हैं। सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे इस चुनाव के केंद्र में रहे। ग्रामीण मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए बड़ी संख्या में वोट डाले। अब सबकी नजर नतीजों और नए पंचायत नेतृत्व पर है।
Author: Sunita Gupta


