असम विधानसभा में यूसीसी बिल भारी बहुमत से पास, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने क्यों कहा मुझे आरएसएस पर गर्व है?

Assam News: असम विधानसभा से इस वक्त की एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। राज्य विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा ऐतिहासिक बिल ध्वनि मत से पारित हो गया है। एनडीए के भारी बहुमत के कारण इस अहम प्रस्ताव को बेहद आसानी से मंजूरी मिल गई।

विधानसभा में एनडीए के भारी बहुमत से रास्ता साफ

असम की कुल 126 सदस्यों वाली विधानसभा में एनडीए के 102 सदस्य मौजूद थे। इस भारी संख्या बल के कारण बिल के पारित होने का रास्ता पहले से ही साफ था। विधानसभा सत्र के दौरान सदन में सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस फैसले का मेज थपथपाकर स्वागत किया।

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यूसीसी को एक ऐतिहासिक और बड़ा सामाजिक सुधार बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वैचारिक प्रेरणा से ही संभव हुआ है। उन्हें भाजपा और आरएसएस के सिद्धांतों पर बहुत ज्यादा गर्व है।

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने आलोचकों को दिया करारा जवाब

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस उन्हें सामाजिक क्रांति और बड़े सुधारों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। सरमा ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर वह भाजपा के मुख्यमंत्री और आरएसएस के स्वयंसेवक नहीं होते, तो शायद विधानसभा में यह बिल कभी नहीं ला पाते।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा और आरएसएस उन्हें समाज में आधुनिकता अपनाने की सीख देते हैं। इसके साथ ही वे भारत की 5,000 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की प्रेरणा भी देते हैं। मुख्यमंत्री ने विरोधियों को जवाब देते हुए कहा कि जब लोग इसे भाजपा का एजेंडा बताते हैं, तो उन्हें बुरा नहीं लगता।

मुख्यमंत्री ने गर्व जताते हुए कहा कि जब कोई इसे पीएम मोदी या अमित शाह का एजेंडा कहता है, तो उन्हें खुशी होती है। यही बड़े नेता उन्हें ऐसे कड़े फैसले लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य सरकार आने वाले समय में सामाजिक स्थिरता के लिए और भी बड़े कदम उठाएगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने जताई बड़ी खुशी

इधर, असम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने यूसीसी बिल पारित होने पर गहरी खुशी जताई है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी सुधार करार दिया। सैकिया ने कहा कि इस बड़े फैसले से राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।

दिलीप सैकिया ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया था। कांग्रेस हमेशा महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के खिलाफ खड़ी रही है, जो समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सीएम सरमा के नेतृत्व की सराहना की।

Author: Deepak Baruah

Hot this week

Related Articles

Popular Categories