Nuh News: देशभर में आज ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरे धार्मिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हरियाणा के नूंह जिले में भी इस विशेष पर्व को लेकर सुबह से ही अकीदतमंदों में खासा उत्साह देखने को मिला।
जिले के विभिन्न कस्बों में लोगों ने सुबह ईदगाहों और मस्जिदों में इकट्ठा होकर नमाज अदा की। सभी नमाजियों ने मुल्क की तरक्की, आपसी भाईचारे और अमन-शांति के लिए अल्लाह से खास दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी।
मेवात क्षेत्र में दिखा बकरीद का विशेष उत्साह
नूंह, पुन्हाना, तावड़ू, फिरोजपुर झिरका और नगीना सहित पूरे मेवात क्षेत्र में मुस्लिम समाज के इस सबसे बड़े पर्व की रौनक नजर आई। सुबह सात बजे से ही बच्चे और बड़े नए कपड़े पहनकर और सिर पर पारंपरिक टोपी लगाकर ईदगाहों की तरफ बढ़ने लगे थे।
पिनगवां ईदगाह में मौलाना जहीर अहमद ने हजारों अकीदतमंदों को ईद की विशेष नमाज अदा कराई। इस पावन मौके पर मौलाना ने सभी मेवात वासियों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न करने की एक विशेष अपील भी जारी की।
जानिए क्या है इस्लामिक मान्यता और कुर्बानी के नियम
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार नबी द्वारा अपने बेटे की कुर्बानी की ऐतिहासिक याद में यह पर्व हर साल मनाया जाता है। नमाज मुकम्मल होने के बाद ही लोग अपने घरों को लौटे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पवित्र कुर्बानी की रस्म में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
धार्मिक जानकारों के मुताबिक इस्लामिक कैलेंडर के 12वें महीने जिलहिज्ज की 10, 11 और 12 तारीख को ही कुर्बानी मान्य होती है। सुबह की नमाज से पहले दी गई कुर्बानी का इस्लाम में कोई महत्व नहीं होता, इसलिए लोग सुबह होते ही मस्जिदों की ओर रुख करते हैं।
Author: Sandeep Hooda


