Karnataka News: कर्नाटक की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा भूचाल आ चुका है। कांग्रेस आलाकमान के बड़े फैसले के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल इतनी तेज है कि सिद्धारमैया ने गुरुवार सुबह पूरी कैबिनेट को अचानक नाश्ते पर आमंत्रित किया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। अंदरखाने खबर यह है कि कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया को हटाने के लिए एक बेहद खास मास्टर प्लान तैयार किया है। पार्टी उन्हें सीधे दिल्ली की राजनीति में लाकर एक बड़ा राष्ट्रीय रोल देने जा रही है।
दिल्ली में सात घंटे चली सीक्रेट बैठक
दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने सिद्धारमैया के साथ करीब सात घंटे तक गुप्त मैराथन बैठक की। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात में आलाकमान ने सिद्धारमैया को सम्मानजनक तरीके से मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का फॉर्मूला समझाया। पार्टी अब उन्हें आगामी 2029 लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े ओबीसी चेहरे के रूप में पेश करेगी।
राहुल गांधी इस समय देश में जिस तरह से जातिगत जनगणना और सोशल जस्टिस की राजनीति को धार दे रहे हैं, उसके लिए कांग्रेस को केंद्र में एक मजबूत पिछड़े वर्ग के नेता की जरूरत है। सिद्धारमैया को भरोसा दिया गया है कि आगामी 8 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के जरिए उन्हें संसद भेजा जाएगा।
डीके शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री
पार्टी आलाकमान दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सिद्धारमैया को बेहद अहम संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपेगा। इस बड़े ऑफर को सुनने के बाद सिद्धारमैया ने बेंगलुरु लौटकर अपने सबसे करीबी मंत्रियों और वफादार विधायकों के साथ देर रात तक गुप्त सलाह-मशविरा किया। इसके बाद ही उन्होंने गुरुवार को कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है।
सिद्धारमैया के इस संभावित इस्तीफे की खबरों के बाद उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खेमे में भारी जश्न का माहौल है। साल 2023 में सरकार गठन के समय ही ढाई-ढाई साल के पावर-शेयरिंग समझौते का दावा किया गया था। सिद्धारमैया के हटते ही डीके शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
Author: Suresh Gowda

