Shimla News: हिमाचल प्रदेश भाजपा में चुनाव के ठीक बीच एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। पार्टी ने अनुशासनहीनता और बगावत के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 28 प्रमुख पदाधिकारियों को तुरंत बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से गहन चर्चा के बाद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने इस कड़े फैसले को अपनी मंजूरी दी। पार्टी ने इन सभी बागी पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को उनके संगठनात्मक दायित्वों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।
अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत करने पर गिरी गाज
दरअसल ये सभी बागी नेता आगामी जिला परिषद चुनाव में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ मैदान में उतर गए हैं। वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा आलाकमान ने इसे संगठन के अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कार्रवाई की जद में आए नेताओं में महिला मोर्चा ठियोग की सरिता वर्मा, युवा मोर्चा झंडूता के देवांश चंदेल और बिलासपुर के रोहित ठाकुर शामिल हैं। इसके अलावा सुजानपुर की वीना कपिल, चंबा के मनोज कुमार, बल्ह के अनिल सैनी और विश्व बंधु शर्मा को भी बाहर कर दिया गया है।
जोगेंद्रनगर के विजय भाटिया, शिमला ग्रामीण की मीना वर्मा, सुजानपुर के सुमन चौहान, भटियात के सुभाष चंद, बनीखेत के सचिन महाजन और भटियात के तिलक राज पर भी गाज गिरी है। भटियात के संजय कुमार, रोहड़ू के कमलेश समरैक और बैजनाथ की सुधा कटोच को पार्टी ने पदमुक्त किया है।
पूर्व पदाधिकारियों और मोर्चा अध्यक्षों पर भी हुई बड़ी कार्रवाई
पार्टी ने बड़सर की रजनी पीला, भरमौर की कमला भारद्वाज, धर्मपुर की रीता निराला, बैजनाथ के शुभम कपूर, इंदौरा के देवराज और चिंतपूर्णी के राजीव कुमार को भी पद से हटाया है। इसके अलावा बल्ह के दुष्यंत शर्मा और मंडी के राकेश राणा पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है।
बीजेपी ने इंदौरा के जुगल किशोर, सुजानपुर की ज्योति ठाकुर, चंबा के करनैल सिंह और कसौली के दुनीचंद धीमान को भी बाहर का रास्ता दिखाया है। पार्टी ने सख्त लहजे में संदेश दिया है कि आगामी चुनावों में किसी भी तरह के भितरघात या बगावत को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Author: Sunita Gupta


