Delhi News: दिल्ली में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। IIM बोधगया से एमबीए कर चुकी सान्या नामक युवती के साथ नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सान्या का आरोप है कि एक कंपनी ने उन्हें फर्जी ऑफर लेटर देकर दिल्ली बुलाया, जिसके कारण उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा।
सान्या के अनुसार, उन्हें ‘पीआईबी इंश्योरेंस ब्रोकर्स’ की ओर से जॉब ऑफर और जॉइनिंग लेटर दिया गया था। इस पर भरोसा करके वह दिल्ली आईं और रहने व अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 75,000 रुपये खर्च किए। लेकिन 4 मई को जब वह बताए गए पते पर पहुंचीं, तो वहां कंपनी का कोई दफ्तर नहीं मिला।
झूठे आश्वासन का सिलसिला
दफ्तर न मिलने पर सान्या ने कंपनी से संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि उस स्थान की लीज खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद कंपनी उन्हें वर्क फ्रॉम होम (WFH) का झांसा देती रही। कई हफ्तों तक टाल-मटोल करने के बाद कंपनी ने हाथ खड़े कर दिए और कहा कि जुलाई से पहले जॉइनिंग संभव नहीं है।
सान्या ने आरोप लगाया कि कंपनी के सीईओ ने पहले उनके खर्च की भरपाई का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में उन्होंने जवाब देना बंद कर दिया और उनसे पूरी तरह संपर्क तोड़ लिया। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है, जिससे स्टार्टअप्स और निजी कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्लेसमेंट सेल ने बढ़ाया मदद का हाथ
इस कठिन दौर में सान्या को IIM बोधगया के प्लेसमेंट सेल का पूरा समर्थन मिला। संस्थान ने उनकी स्थिति को समझते हुए उन्हें एक दूसरी नौकरी दिलाने में मदद की। इस घटना के बाद से ही LinkedIn और अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं को फर्जी कंपनियों से सावधान रहने और जॉइनिंग से पहले पूरी तरह वेरिफिकेशन करने की सलाह दी जा रही है।
यह मामला युवाओं को एक सीख देता है कि किसी भी ऑफर लेटर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। जॉइनिंग से पहले कंपनी के बैकग्राउंड, ऑफिस के भौतिक सत्यापन और उनके आधिकारिक संपर्कों की पुष्टि अवश्य करें। स्टार्टअप संस्कृति के नाम पर हो रही इस तरह की धोखाधड़ी प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, जिस पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।
Author: Rashmi Sharma

