Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य चुनावों के बीच एक बेहद दिलचस्प खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेशभर में रिकॉर्ड 10,854 उम्मीदवार बिना किसी मुकाबले के निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। इन सभी सीटों पर चुनावी वोटिंग की जरूरत ही नहीं पड़ी।
जानिए कब शुरू हुई थी चुनावी प्रक्रिया
राज्य निर्वाचन आयोग ने इन पंचायत चुनावों के लिए 29 अप्रैल 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद निर्धारित शेड्यूल के तहत मई महीने में नामांकन भरने और उनकी बारीकी से जांच करने का काम पूरा किया गया। नामांकन वापसी के अंतिम दिन कई प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए।
इस सियासी उठापटक के बाद कई सीटों पर सिर्फ एक-एक मजबूत उम्मीदवार ही मैदान में शेष बचा। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने नियमानुसार उन्हें विजेता घोषित कर दिया। माना जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी भाईचारे और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने के लिए यह सहमति बनी है।
शिमला और कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा दबदबा
आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा निर्विरोध निर्वाचन शिमला जिले में देखने को मिला है। शिमला में कुल 1,687 वार्ड सदस्य बिना चुनाव लड़े ही जीत गए। इसके ठीक बाद कांगड़ा जिले में 1,657 और सिरमौर जिले में 1,166 वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं।
अगर विभिन्न पदों के अनुसार इस सूची को देखें तो इसमें सबसे बड़ी संख्या वार्ड सदस्यों की है। राज्य में कुल 85 पंच सदस्य, 176 प्रधान, 286 उप-प्रधान और 10,307 वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। इसके अलावा 131 ग्राम पंचायत सदस्यों की भी बिना मुकाबले जीत हुई है।
चुनाव आयोग रख रहा हर गतिविधि पर नजर
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने इस विशेष घटनाक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है। आयोग की टीमें सभी जिलों में चुनावी गतिविधियों पर लगातार अपनी कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
Author: Sunita Gupta


