Kinnaur News: हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। यहां कल्पा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आगामी पंचायत चुनावों से ठीक पहले हुई इस अचानक और सख्त कार्रवाई से पूरे जिले के राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।
कांग्रेस संगठन से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह दंडात्मक कार्रवाई किन्नौर के सापनी क्षेत्र के बड़े कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई है। कल्पा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी ने इस कड़े फैसले की पुष्टि की है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि संगठन के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अनुशासनहीनता पर चली संगठन की चाबुक
ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि इन तीनों संबंधित सदस्यों पर लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप थे। इसके अलावा वे लगातार संगठनात्मक अनुशासन का खुला उल्लंघन भी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी की साफ-सुथरी छवि और आंतरिक अनुशासन को हर हाल में बनाए रखने के उद्देश्य से ही यह कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।
कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किए गए इन नेताओं में सापनी गांव के तीन प्रमुख नाम शामिल हैं। इनमें स्वर्गीय हरीश चन्द्र की पत्नी राज कुमारी, जलेब सुख के पुत्र धर्म सेन और बिरमा सुख के पुत्र यशवीर शामिल हैं। इन तीनों स्थानीय नेताओं को अब छह वर्षों के लिए कांग्रेस के सभी संगठनात्मक पदों और सदस्यता से पूरी तरह वंचित कर दिया गया है।

