Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश पंचायती राज चुनाव में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिला सोलन की बवासवीं पंचायत में प्रधान पद के लिए एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ है। नामांकन की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी यह महत्वपूर्ण सीट पूरी तरह खाली रह गई है।
गहमागहमी के बीच सूनी रही बवासवीं पंचायत, हर कोई हैरान
प्रदेश भर में जहां चुनाव को लेकर भारी उत्साह और राजनीतिक सरगर्मी देखी जा रही है, वहीं बवासवीं पंचायत ने सबको चौंका दिया है। यहां वार्ड सदस्यों और अन्य पदों के लिए लोगों ने पर्चे भरे हैं। हालांकि सबसे बड़ी कुर्सी के लिए किसी ने भी अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
नालागढ़ ब्लॉक के तहत आने वाले इस गांव में अब चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर प्रधान बनने से सब पीछे क्यों हट गए। राज्य चुनाव आयोग ने भी निर्धारित समय में इस पद के लिए कोई नामांकन न मिलने की पुष्टि की है।
जिम्मेदारियों का डर या तनाव? प्रशासन के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती
स्थानीय लोग इस अनोखी घटना के पीछे अलग-अलग कारण बता रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के बढ़ते कामों और जिम्मेदारियों के बोझ के डर से लोग पीछे हटे हैं। वहीं कुछ लोग ग्रामीण राजनीति में बढ़ते मानसिक तनाव और गुटबाजी को इसकी वजह मान रहे हैं।
इस अजीबोगरीब फैसले के बाद अब जिला प्रशासन के सामने एक बेहद दिलचस्प स्थिति खड़ी हो गई है। बिना मुख्य मुखिया के पंचायत का कामकाज संभालना और विकास कार्यों को गति देना बड़ी चुनौती होगी। अब सबकी नजरें सरकार और निर्वाचन आयोग के अगले कानूनी कदम पर टिकी हैं।
Author: Sunita Gupta


