West Bengal News: पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने किसानों के हित में एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। नई सरकार ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के समय से आलू के अंतरराज्यीय परिवहन और निर्यात पर लगी सभी पाबंदियों को पूरी तरह हटा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब राज्य की सीमाओं पर पुलिस या किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा आलू व्यापारियों को नहीं रोका जाएगा।
नवान्न में मुख्य सचिव के साथ अहम बैठक
राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हमारी सरकार का प्राथमिक दृष्टिकोण किसानों और व्यापारियों को व्यापार की पूरी आजादी देना है। पुरानी सरकार ने सीमाओं पर पुलिस का कड़ा पहरा लगाकर कृषि उत्पादों की आवाजाही को बाधित कर रखा था, जिसे अब तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
‘आलू-बेल्ट’ में तृणमूल के सफाए का असर
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के ‘आलू-बेल्ट’ कहे जाने वाले हुगली और पूर्व बर्दवान जिलों के चुनावी नतीजों ने इस फैसले की जमीन तैयार की है। इन क्षेत्रों में किसानों के भारी असंतोष के कारण तृणमूल कांग्रेस का दुर्ग ढह गया है। पूर्व बर्दवान की 16 में से 14 सीटें और हुगली की 18 में से 16 सीटों पर भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जो नीतिगत बदलाव का मुख्य आधार बनी।
व्यापारी संगठन ने फैसले का किया स्वागत
पश्चिम बंगाल प्रगतिशील आलू व्यवसायी समिति ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। समिति के महासचिव लालू मुखर्जी ने कहा कि पिछली नीतियों के कारण अंतरराज्यीय कारोबार ठप था और व्यापारियों को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा था। नई सरकार का यह साहसिक फैसला न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि व्यापारिक सुगमता (Ease of Doing Business) की दिशा में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।


