Indore News: शादी-ब्याह में हल्दी की रस्म को बहुत शुभ और खुशहाल माना जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर से आई एक खौफनाक खबर ने सबको चौंका दिया है। यहां शादी समारोह के दौरान केमिकल युक्त मिलावटी हल्दी लगने से एक दुल्हन की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।
डॉक्टरों के मुताबिक दूल्हा और दुल्हन को हल्दी लगाने के बाद पेट दर्द, उल्टी, गंभीर स्किन रिएक्शन और तेज एलर्जी की कई शिकायतें मिली हैं। जांच में पता चला है कि मिलावटखोरों ने हल्दी को आकर्षक बनाने के लिए घातक औद्योगिक केमिकल मिलाए थे। अब यह जानलेवा खतरा सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के कई हिस्सों में फैल चुका है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में खुली पोल
उत्तर प्रदेश के मेरठ में फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) की हालिया रिपोर्ट्स ने भी सबको डरा दिया है। विभाग की प्रयोगशाला जांच में हल्दी के कई ब्रांडेड और अनब्रांडेड सैंपल पूरी तरह फेल पाए गए हैं। सरकारी लैब ने इन सैंपल्स को इंसानी स्वास्थ्य के लिए ‘असुरक्षित’ और ‘सबस्टैंडर्ड’ घोषित किया है।
साल 2023 में मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में बड़ी छापेमारी हुई थी। इस दौरान पुलिस ने करीब 600 किलो नकली मसाले जब्त किए थे। वहीं साल 2024 में पश्चिमी यूपी के एक विवाह समारोह में एक्सपायर्ड हल्दी खाने से 100 से ज्यादा मेहमान फूड पॉइजनिंग का शिकार होकर गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाजारों से लिए जा रहे कुल सैंपल्स में से 15 फीसदी हल्दी अब भी लगातार फेल मिल रही है। मिलावटखोर हल्दी का वजन बढ़ाने और उसे बेहद चमकीला पीला दिखाने के लिए चॉक पाउडर, लेड क्रोमेट, मेटानिल येलो, स्टार्च और टेक्सटाइल इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली जहरीली सिंथेटिक डाई मिला रहे हैं।
लीवर, किडनी और नर्वस सिस्टम पर बड़ा खतरा
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि हल्दी में मिलने वाला लेड क्रोमेट शरीर के भीतर धीरे-धीरे जमा होता है। इसकी टॉक्सिसिटी अंदर ही अंदर बढ़ती है। यह जहर लंबे समय में लीवर इंफ्लेमेशन, फैटी लीवर और किडनी डैमेज जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा करता है। शुरुआत में सिर्फ एसिडिटी या पेट दर्द जैसे सामान्य लक्षण दिखते हैं।
चिकित्सकों के अनुसार मेटानिल येलो जैसी प्रतिबंधित सिंथेटिक डाई कैंसर का कारण बन सकती है। यह बच्चों के मानसिक विकास और उनके कमजोर नर्वस सिस्टम को बहुत नुकसान पहुंचाती है। इसके लगातार सेवन से याददाश्त कमजोर होना, बार-बार चक्कर आना और शरीर का इम्यून सिस्टम पूरी तरह तबाह होने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं।
स्किन बर्न और सांस की गंभीर बीमारियां
आईएमए प्रेसिडेंट डॉ. मनीषा त्यागी के मुताबिक, खुली हल्दी में केमिकल मिलाने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। लोग इसे प्राकृतिक समझकर चेहरे पर लगाते हैं। यह सिंथेटिक कलर त्वचा के संपर्क में आते ही खुजली, गंभीर रैशेज, एलर्जिक डर्मेटाइटिस और स्किन बर्न पैदा कर देता है। इससे आंखों में भयंकर सूजन और सांस की तकलीफ हो सकती है।
गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए यह मिलावटी हल्दी बेहद खतरनाक साबित हो रही है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में मसालों की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। मुनाफाखोर इसी बात का फायदा उठाकर खुली और सड़ी हुई हल्दी को दोबारा चमकीले रंगों में रंगकर थोक के भाव बाजारों में सप्लाई कर देते हैं।
घर पर ऐसे करें असली-नकली की पहचान
- एक कांच के गिलास में साफ पानी भरकर उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें।
- हल्दी डालने के बाद पानी को बिना हिलाए कम से कम 15 से 20 मिनट छोड़ दें।
- असली हल्दी की पहचान है कि वह धीरे-धीरे पानी के नीचे पूरी तरह बैठ जाएगी।
- नकली या केमिकल युक्त हल्दी पानी में जाते ही तुरंत गहरा चमकीला पीला रंग छोड़ देगी।
- शुद्ध हल्दी नीचे बैठने के बाद गिलास का पानी ऊपर से बिल्कुल साफ और पारदर्शी रहता है।
बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी गाइडलाइंस
- बाजारों से कभी भी खुली, बिना पैकेजिंग वाली और बेहद सस्ती हल्दी न खरीदें।
- हल्दी खरीदते समय हमेशा FSSAI लाइसेंस और विश्वसनीय ब्रांड का ही चुनाव करें।
- बहुत ज्यादा गहरे या असामान्य रूप से चमकीले पीले रंग की हल्दी से हमेशा सावधान रहें।
- शादी समारोह के लिए बड़ी मात्रा में मसाले हमेशा सर्टिफाइड और भरोसेमंद दुकान से लें।
- मिलावट का थोड़ा भी संदेह होने पर तुरंत अपने नजदीकी खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।
Author: Asha Thakur


