Delhi News: देश में जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चूहों का आतंक भी तेजी से बढ़ने लगा है। भीषण गर्मी से बचने के लिए चूहे अक्सर ठंडी जगहों की तलाश करते हैं। ऐसे में आपकी खड़ी कार उनकी सबसे पसंदीदा जगह बन जाती है। वे बोनेट में घुसकर आपके बजट को बिगाड़ सकते हैं।
अक्सर जो गाड़ियां कई दिनों तक एक ही जगह खड़ी रहती हैं, चूहे उनके बोनेट में आसानी से घुस जाते हैं। वे वहां मौजूद एसी डक्ट को अपना परमानेंट ठिकाना बना लेते हैं। इसके बाद चूहे कार की महंगी वायरिंग को कुतर देते हैं और सेंसर्स को अपने यूरिन से पूरी तरह खराब कर देते हैं।
कार के डिजिटल मीटर पर अलग-अलग संकेत दिखने पर लोग इसे तकनीकी खराबी समझ लेते हैं। जब कार मालिक गाड़ी लेकर शोरूम पहुंचते हैं, तो असली कहानी सामने आती है। चूहों की इस हरकत के कारण गाड़ी मालिकों को रिपेयरिंग के नाम पर हजारों रुपये की भारी चपत लग जाती है।
गाड़ी के इंजन में छिपकर करते हैं बड़ा नुकसान
छोटे दिखने वाले ये जीव गाड़ी को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। कार का इंजन एरिया, डैशबोर्ड और सीट के नीचे खाली जगह इनके छिपने के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है। चूहे न सिर्फ कार की कीमती वायरिंग और इलेक्ट्रिकल सेंसर्स को काटते हैं, बल्कि सीट कवर को भी बुरी तरह कुतर देते हैं।
चूहों की सूंघने की क्षमता बहुत तेज होती है। कार के भीतर रखे खाने-पीने के सामान की महक इन्हें आकर्षित करती है। केबिन इंसुलेटेड होने के बावजूद ये एसी वेंट, पैडल या इंजन ब्लाक के रास्ते ब्रेक पैनल, डैशबोर्ड और एसी फिल्टर तक पहुंच जाते हैं। इसके बाद वे हेडलैंप और रेडिएटर में छिप जाते हैं।
बीमा पॉलिसी में नहीं मिलता कोई कवर
आजकल शहर के अधिकांश कार मालिक इस बड़ी समस्या से बुरी तरह जूझ रहे हैं। ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अधिकांश सामान्य मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी चूहों द्वारा किए गए नुकसान को कवर नहीं करती हैं। इसलिए चूहों से अपनी महंगी कार का समय रहते बचाव करना ही सबसे बेहतर और सुरक्षित उपाय माना जाता है।
कार शोरूम के सर्विस एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बाजार में चूहों को भगाने के लिए कई आधुनिक गैजेट्स आ चुके हैं। इनमें अल्ट्रासोनिक रैट रिपेलर सबसे ज्यादा लोकप्रिय हो रहा है। इसके साथ ही लोग एंटी-रैट स्प्रे और खास तरह की चूहा रोधी टेप का इस्तेमाल भी अपनी गाड़ियों में सुरक्षा के लिए कर रहे हैं।
चूहों को भगाने के कुछ असरदार देसी तरीके
- पुदीने के तेल में कॉटन को भिगोकर इंजन एरिया और डैशबोर्ड के पास रखें, इसकी खुशबू चूहों को बिल्कुल पसंद नहीं होती।
- कपूर को किसी कपड़े या जाली में बांधकर डिक्की और ग्लव बॉक्स में रखें, लेकिन इसे गर्म हिस्सों से हमेशा दूर रखें।
- तंबाकू को कपड़े में बांधकर और उसमें छोटे-छोटे छेद करके इंजन के कोनों में लटका दें, इसकी तीखी गंध चूहों को दूर रखेगी।
- हाइड्रोजन पेरोक्साइड का छिड़काव भी कार के निचले हिस्सों में कर सकते हैं, इसकी गंध से चूहे गाड़ी के पास नहीं फटकते।
- नीम का तेल, पिसी हुई काली मिर्च या लहसुन के पाउडर का स्प्रे बनाकर कार के अंदरूनी हिस्सों में नियमित छिड़काव करें।
सुरक्षा के लिए काम आएंगी ये आधुनिक तकनीक
- अल्ट्रासोनिक रैट रिपेलर: यह एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो इंसानों को न सुनाई देने वाली हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड निकालकर चूहों को परेशान करती है।
- एंटी-रैट स्प्रे: कार की वायरिंग और इंजन पर इसका छिड़काव करें, इसका कड़वा स्वाद चूहों को तारों को कुतरने से रोकता है।
- चूहा रोधी टेप: कार के संवेदनशील तारों को सुरक्षित रखने के लिए इस खास टेप को तारों के ऊपर अच्छी तरह लपेटा जाता है।
- रैट प्रोटेक्शन नेट: कार के मुख्य एसी वेंट में यह विशेष जाली लगाई जाती है ताकि चूहे केबिन के अंदर प्रवेश न कर सकें।
- प्रोफेशनल पेस्ट कंट्रोल: यदि आपके पार्किंग एरिया में चूहों का प्रकोप बहुत ज्यादा है, तो विशेषज्ञों से तुरंत फ्यूमिगेशन करवाएं।
हुंडई के सेल्स हेड नीतीश चौधरी के मुताबिक कार के अंदर खाने-पीने की चीजें बिल्कुल न छोड़ें। गंदगी चूहों को सबसे पहले अपनी ओर खींचती है। ग्रैंड टोयोटा के सीनियर मैनेजर मनीष कुमार बताते हैं कि सर्विसिंग के दौरान रैट नेट और एंटी-रैट स्प्रे का इस्तेमाल करके गाड़ी को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सकता है।
Author: Karan Kumar


