ईरान और अमेरिका में भयंकर टकराव, होर्मुज में दो टैंकर तबाह, क्या छिड़ेगा तीसरा विश्व युद्ध?

International News: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर घातक हमला किया है। रात भर चली भीषण गोलीबारी के बाद दोनों जहाजों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने भी खुद पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया है। इन खतरनाक घटनाओं के बाद मध्य पूर्व में एक बार फिर भयंकर युद्ध भड़कने के बादल मंडराने लगे हैं।

अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने पर भड़का संघर्ष

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान के ये टैंकर जानबूझकर नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों जहाजों को रोककर निष्क्रिय कर दिया। इससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने नौसेना के तीन जहाजों पर होने वाले घातक हमलों को विफल कर दिया था। इसके बाद होर्मुज में मौजूद कई अहम ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिका ने जोरदार जवाबी हमला किया। इस हिंसक टकराव से पूरे क्षेत्र में तनाव है।

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा भारी असर

अट्ठाईस फरवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद से भारी तनाव है। ईरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के अहम जलमार्ग को पूरी तरह बंद रखा है। इस रुकावट के कारण दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। बढ़ती कीमतों से सभी वैश्विक बाजार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अप्रैल में दोनों देशों की शांति वार्ता विफल होने के बाद से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की सख्त नाकेबंदी कर रखी है।

रूबियो और अराघची ने दी कड़ी चेतावनी

इस गंभीर घटनाक्रम पर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिकी हितों को चुनौती देगा, तो उसे कड़ी जवाबी कार्रवाई झेलनी पड़ेगी। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी एतराज जताया है। उन्होंने ईरानी जहाजों पर अमेरिकी हमले को भड़काने वाली निंदनीय कार्रवाई बताया है। अराघची ने अमेरिका पर सीधे तौर पर संघर्षविराम का बड़ा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

शांति बहाली की कोशिशों में जुटा पाकिस्तान

होर्मुज के घटनाक्रम ने दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का अहम बयान आया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान युद्धविराम बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उनका देश शांति के लिए अमेरिका और ईरान के संपर्क में है। हालांकि अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव पर ईरान राजी नहीं हुआ है। परमाणु कार्यक्रम और जलमार्ग में आवाजाही को लेकर दोनों में भारी गतिरोध कायम है।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories