Delhi News: पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित बी-ब्लॉक में रविवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को शोक की लहर में डुबो दिया है। एयर कंडीशनर (एसी) में हुए जोरदार धमाके के बाद लगी इस आग ने स्थानीय निवासियों के जेहन में दो साल पुरानी उस दर्दनाक घटना की यादें ताजा कर दीं, जिसे लोग भुलाने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि उस खौफनाक मंजर का दोहराव है जिसने पहले भी इस क्षेत्र को झकझोर दिया था।
छह मासूम बच्चों की मौत का वो काला दिन
सी-ब्लॉक के निवासियों के अनुसार, रविवार तड़के हुई इस घटना ने उन्हें 26 मई 2024 की उस काली रात की याद दिला दी। उस समय एक बेबी केयर सेंटर में लगी भीषण आग ने छह नवजात बच्चों की जान ले ली थी। पड़ोसी वीरेंद्र ने भावुक होते हुए बताया कि जैसे ही इस नए हादसे में नौ लोगों की मौत की खबर मिली, लगा जैसे दो साल पुरानी वो खौफनाक रात फिर लौट आई हो। धुएं का गुबार और लोगों की चीखें आज भी लोगों के कानों में गूंज रही हैं।
खंडहर बना बेबी केयर सेंटर, नहीं मिल रहा खरीदार
दो साल पहले जिस बेबी सेंटर में मासूमों की जान गई थी, उस बिल्डिंग को अब पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है। हालांकि, घटना के इतने समय बाद भी उस खाली प्लॉट को कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि लोग उस स्थान को ‘मासूमों की कब्रगाह’ के रूप में देखते हैं, जिसके कारण कोई भी वहां निवेश करने को तैयार नहीं है। प्लॉट के भीतर आज भी आग के जले हुए अवशेष मौजूद हैं, जिन्हें देखकर स्थानीय लोगों की रूह कांप उठती है।
एसी फटने से फिर दहला विवेक विहार
स्थानीय निवासी राजीव सेठी ने बताया कि बी-ब्लॉक की ताजा घटना और दो साल पुराने हादसे में एक डरावनी समानता है—दोनों ही बार आग लगने की मुख्य वजह एसी में हुआ विस्फोट था। उस समय भी पूरा इलाका इसी तरह चीख-पुकार से गूंज उठा था। लोगों का कहना है कि पुराना दर्द अभी पूरी तरह भरा भी नहीं था कि इस नए हादसे ने पुराने घाव फिर से हरे कर दिए हैं। अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में डर और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।


