Delhi News: केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकता पाने के नियमों में बेहद अहम और बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में एक नया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया। इसके तहत नागरिकता चाहने वाले आवेदकों को अपने विदेशी पासपोर्ट की पूरी जानकारी देना अब अनिवार्य होगा।
नए नियमों के अनुसार पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान का पासपोर्ट रखने वाले लोगों पर यह नियम लागू होगा। यदि आवेदकों के पास इन देशों का वैध या एक्सपायर पासपोर्ट है, तो उन्हें पूरी डिटेल्स देनी होगी। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है
नागरिकता के लिए विदेशी पासपोर्ट सरेंडर करना हुआ अनिवार्य
गृह मंत्रालय ने नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत ‘नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026’ को आधिकारिक रूप से जारी किया है। इसके जरिए साल 2009 के पुराने नियमों की अनुसूची IC में एक नया पैराग्राफ जोड़ा गया है। इस नए कानूनी प्रावधान के तहत आवेदकों के लिए पुराने नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं।
नए प्रावधान के मुताबिक अब विदेशी आवेदकों को फॉर्म भरते समय पुराने पासपोर्ट की पूरी जानकारी देनी होगी। इसमें मुख्य रूप से पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, स्थान और एक्सपायरी डेट जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके बिना नागरिकता के आवेदन को आगे बिल्कुल नहीं बढ़ाया जाएगा। विभाग इस डेटा का उपयोग वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए करेगा।
नागरिकता की मंजूरी मिलने के ठीक 15 दिनों के भीतर आवेदकों को अपना विदेशी पासपोर्ट सरेंडर करना होगा। आवेदकों को डाकघर के वरिष्ठ अधिकारियों को अपना मूल पासपोर्ट सौंपने के लिए लिखित सहमति देनी होगी। नया नियम सरकारी राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद तुरंत लागू हो जाएगा। सभी आवेदकों को इन नियमों का पालन करना जरूरी है।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने इस नए संशोधन को एक प्रशासनिक स्पष्टीकरण बताया है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकता सत्यापन और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है। इससे पूरी व्यवस्था पहले के मुकाबले काफी ज्यादा पारदर्शी और मजबूत हो जाएगी। फर्जी दस्तावेजों के सहारे नागरिकता पाने के मामलों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
डिजिटल ई-ओसीआई कार्ड और ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा
सरकार ने डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। अब कागजी प्रक्रियाओं को खत्म करके इलेक्ट्रॉनिक ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी ई-ओसीआई कार्ड शुरू किया गया है। इस ऐतिहासिक बदलाव से अब पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस होगी। प्रवासी भारतीयों के लिए यह एक बेहद बड़ी सुविधा साबित होगी।
इसके अलावा फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन प्रोग्राम का लाभ उठाने के लिए सभी आवेदकों को अपना बायोमेट्रिक डेटा साझा करना होगा। इसके लिए आवेदकों को पहले ही अपनी लिखित सहमति देना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। इससे भविष्य में प्रवासियों को ऑटोमैटिक एनरोलमेंट की आधुनिक डिजिटल सुविधा बहुत ही आसानी से मिल सकेगी।
नए नियमों के तहत अब नाबालिगों के लिए दोहरे पासपोर्ट के नियमों को भी सख्त किया गया है। डिजिटल माध्यम से सुरक्षा जांच का काम भी अब बहुत आसान हो जाएगा। केंद्र सरकार का यह कदम प्रवासियों की पहचान को पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।
Author: Gaurav Malhotra

