World News: ईरान-अमेरिका युद्ध में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में पाकिस्तान जा रहे एक जहाज को कानूनी प्रोटोकॉल का पालन न करने और अनुमति न होने के कारण वापस भेज दिया। ‘सेलेन’ (CELEN) नामक यह जहाज कराची जा रहा था, तभी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) नौसेना ने इसे रोक दिया।
शांति वार्ता में पाकिस्तान बन रहा मध्यस्थ
यह घटनाक्रम ऐसेसमय में हुआ है जब ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता में पाकिस्तान को मध्यस्थ बनने की सहमति दी है। तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन को बताया है कि दुश्मन देशों से संबंध न रखने वाले जहाज ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय कर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय का यह पत्र रविवार को सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भेजा गया था।
पाकिस्तानी जहाज को क्यों रोका गया?
नौसेनाके कमांडर अलीरेजा तंगसिरी ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि कंटेनर जहाज सेलेन को आईआरजीसी नौसेना ने कानूनी प्रोटोकॉल का पालन न करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति न होने के कारण वापस भेज दिया। उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग से गुजरने के लिए ईरान के समुद्री प्राधिकरण के साथ पूर्ण समन्वय जरूरी है। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण इस जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के लगभग एक-पांचवें तेल और एलएनजी का परिवहन लगभग ठप हो गया है।
पाकिस्तान करेगा शांति वार्ता की मेजबानी?
तेहरान द्वाराइस्लामाबाद की मध्यस्थता के लिए सहमति देने के बाद पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की मेजबानी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वार्ता शुरू होने से पहले ईरान अपना लिखित एजेंडा और मांगें पाकिस्तान को भेजेगा। यह वार्ता शुरू में अप्रत्यक्ष हो सकती है, जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि सीधे बातचीत नहीं करेंगे। सूत्रों ने बताया कि ईरान मध्यस्थ द्वारा रखी गई कई वैध मांगों पर सहमत हो गया है। पाकिस्तान अब ईरान की लिखित मांगों का इंतजार कर रहा है।


