Pakistan News: पाकिस्तान में छिपे बैठे भारत के दुश्मनों के लिए अज्ञात हमलावर काल बन चुके हैं। मुजफ्फरराबाद में अज्ञात शूटर ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड और खूंखार आतंकी बुरहान हमजा को गोलियों से भून दिया। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पहली बार वारदात के बाद कोई अज्ञात हमलावर जिंदा पकड़ा गया है।
मुजफ्फराबाद पुलिस की गिरफ्त में आया रावलपिंडी का शूटर
पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने पहली बार किसी अज्ञात हमलावर को हिरासत में लिया है। मुजफ्फरराबाद पुलिस ने इस हमलावर की पहचान रावलपिंडी के एक स्थानीय निवासी के रूप में की है। पकड़े गए हमलावर की उम्र लगभग 20 वर्ष के आसपास बताई जा रही है।
स्थानीय पुलिस इस समय पकड़े गए हमलावर से बेहद सघन पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आया है कि शूटर ने हत्या को अंजाम देने से पहले दो बार बुरहान के घर की रेकी की थी। इस बड़ी कामयाबी से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां भी बेहद हैरान हैं।
होटल में रुककर रची थी अलबद्र कमांडर की हत्या की साजिश
रिपोर्ट के मुताबिक अलबद्र के कमांडर बुरहान हमजा को ठिकाने लगाने के लिए शूटर काफी पहले आया था। वह मुजफ्फरराबाद के एक स्थानीय होटल में पिछले तीन दिनों से रुका हुआ था। पुलिस को आशंका है कि बुरहान की हत्या के लिए भारी-भरकम सुपारी दी गई थी।
हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए इस युवा हमलावर का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। बुरहान की सुरक्षा में तैनात पाकिस्तानी सैनिकों ने उसे पिछले दो दिनों से घर के आसपास भटकते देखा था। मौका पाकर उसने मेहमान से मिल रहे बुरहान पर गोलियां चला दीं।
जानिए कौन था भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी हमजा बुरहान
मारा गया आतंकी अरजमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी था। वह वर्ष 2019 में वैध दस्तावेजों के सहारे सीमा पार पाकिस्तान भाग गया था। मुजफ्फरराबाद में रहकर वह एक मदरसे की आड़ में युवाओं का ब्रेनवाश कर रहा था।
बुरहान दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने और आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग जुटाने में बेहद सक्रिय था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने वर्ष 2022 में उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था। उसकी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान पुलिस के दो जवान भी तैनात रहते थे।
पाकिस्तान में लगातार जारी है शीर्ष आतंकियों का रहस्यमयी खात्मा
पाकिस्तान में इस साल अब तक पांच कुख्यात आतंकवादी अज्ञात हमलावरों का शिकार बन चुके हैं। इससे पहले साल 2023 में भी सात बड़े आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया था। लश्कर के अमीर हमजा से लेकर हिजबुल कमांडर सज्जाद अहमद भी मारे जा चुके हैं।
Author: Pallavi Sharma

