World News: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित शांति वार्ता शुरू हो गई है। तनाव के बीच दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहली बार आमने-सामने बैठे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इसके बाद शाम को दोनों देशों के बीच सीधे तौर पर बातचीत शुरू हुई। यह अहम वार्ता करीब चार घंटे तक चली। पूरी दुनिया की नजरें इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक पर टिकी हुई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अड़ा रहा ईरान
लंबी बातचीत के बाद भी होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान अपने रुख पर कायम रहा। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी जहाज इस जलमार्ग से नहीं गुजर सकता। ईरान ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें अमेरिकी युद्धपोतों के होर्मुज से गुजरने की बात कही गई थी। ईरानी न्यूज एजेंसी के अनुसार वार्ता का अगला दौर जल्द होगा। दोनों पक्ष अब लिखित संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- हमने होर्मुज खोलने की प्रक्रिया की तेज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि दुनिया के बड़े देशों के हित में होर्मुज को खोलने की प्रक्रिया बहुत तेज कर दी गई है। उन्होंने न्यूजनेशन को बताया कि उन्हें इस शांति वार्ता की सफलता का अभी कोई अंदाजा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को होर्मुज में बिछाई गई बारूदी सुरंगों की पूरी जानकारी है। हमारी सेना इन्हें हटाने के लिए जरूरी उपकरण ला रही है।
अमेरिकी युद्धपोतों के गुजरने पर दोनों देशों के अलग-अलग दावे
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि तनाव बढ़ने के बाद पहली बार उसके दो नौसैनिक विध्वंसक पोत होर्मुज से सुरक्षित गुजरे हैं। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया ने इसके बिल्कुल विपरीत दावा पेश किया है। ईरान का कहना है कि उसने पार करने की कोशिश कर रहे अमेरिकी सैन्य जहाज को खदेड़ दिया। इस बीच इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि इजराइल ईरान के आतंकी शासन और उसके गुर्गों से अपनी जंग हर हाल में जारी रखेगा।
वार्ता में शामिल हुए दोनों देशों के कई शीर्ष नेता
इस्लामाबाद की इस अहम वार्ता में दोनों देशों के शीर्ष नेता मौजूद हैं। अमेरिकी दल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। उनके साथ डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। दूसरी तरफ ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कमान संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलीबाफ के हाथों में है। इस ईरानी दल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची और कई अन्य बड़े नेता भी शामिल हैं, जो इस जटिल शांति प्रक्रिया का अहम हिस्सा बने हैं।


