Russia News: रूस से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आई है। क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भर रहा रूस का एक सैन्य विमान भयानक हादसे का शिकार हो गया। एंटोनोव-26 (An-26) नाम के इस मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान में सवार सभी 29 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में चालक दल के छह सदस्य और 23 यात्री शामिल हैं। 31 मार्च की शाम इस विमान का अचानक रडार से संपर्क टूट गया था। अब राहत और बचाव दल को दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा मिल गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पहाड़ी से टकराकर चकनाचूर हुआ विमान
रूसी समाचार एजेंसी TASS ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बड़ी जानकारी दी है। शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि यह सैन्य विमान एक ऊंची चट्टान से टकरा गया था। क्रीमिया काला सागर में फैला एक प्रायद्वीप है। रूस ने इसे साल 2014 में यूक्रेन से अपने नियंत्रण में लिया था। इसी अशांत इलाके में यह दर्दनाक हादसा हुआ है। दुर्घटनास्थल पर अभी भी राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
रडार से गायब होने के बाद मची अफरातफरी
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 31 मार्च की शाम करीब छह बजे सब कुछ सामान्य था। यह विमान क्रीमिया के ऊपर अपनी तय उड़ान पर था। अचानक इसका कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। इसके बाद प्रशासन में भारी हड़कंप मच गया। तुरंत खोज और बचाव दल को काम पर लगाया गया। घंटों की भारी मशक्कत के बाद टीम ने दुर्घटनास्थल को खोज निकाला। वहां का नजारा बेहद खौफनाक था।
यूक्रेन के हमले की आशंका पूरी तरह खारिज
इस हादसे के तुरंत बाद कई तरह की अटकलें लगने लगी थीं। लोगों को लगा कि शायद यूक्रेन ने इस विमान पर कोई बड़ा हमला किया है। लेकिन रूसी अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। शुरुआती जांच में विमान पर किसी भी बाहरी हमले या मिसाइल के निशान नहीं मिले हैं। यह साफ हो गया है कि यूक्रेन ने इस विमान को निशाना नहीं बनाया है।
क्या तकनीकी खराबी ने ली 29 लोगों की जान?
विमान हादसे की मुख्य वजह फिलहाल तकनीकी खराबी को ही माना जा रहा है। हालांकि अभी तक कोई भी अंतिम आधिकारिक बयान नहीं आया है। हादसे की असल वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। आपको बता दें कि An-26 एक दो-इंजन वाला टर्बोप्रॉप विमान है। इसमें एक साथ 40 सैनिक सफर कर सकते हैं। इसे मुख्य रूप से पैराट्रूपर्स की तैनाती और घायलों को निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।


