Tehran News: मध्य पूर्व में लगातार बढ़ती जंग के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सैन्य तनाव खत्म करने की इच्छा जताई है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है। लेकिन इसके लिए उन्होंने दुनिया के सामने एक बड़ी शर्त रख दी है। राष्ट्रपति ने कहा है कि भविष्य में ईरान पर कोई हमला नहीं होगा, इसकी ठोस गारंटी मिलनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमलों के रुके बिना कोई भी शांति समझौता संभव नहीं है।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से फोन पर हुई अहम बात
मंगलवार को ईरानी राष्ट्रपति ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से फोन पर लंबी बातचीत की। इस दौरान पेजेश्कियन ने कहा कि हालात को सामान्य बनाने के लिए विरोधी ताकतों को तुरंत हमले रोकने होंगे। ईरान ने हमेशा शांति का समर्थन किया है। उसने कभी भी जानबूझकर किसी युद्ध को बढ़ावा नहीं दिया है। लेकिन ईरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की बताई असली वजह
ईरान हमेशा अपने पड़ोसी देशों की सीमाओं का सम्मान करता है। लेकिन राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले को अपनी मजबूरी बताया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों ने अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ होने दिया। इन देशों ने अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी नहीं निभाई। इसी वजह से ईरान को उन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना पड़ा। यह कदम ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी था।
युद्ध रोकने के लिए चाहिए स्थायी समाधान और गारंटी
ईरानी नेता ने युद्ध विराम की शर्तों को बेहद कड़े शब्दों में दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि ईरान जंग खत्म करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। लेकिन केवल एक अस्थायी शांति से काम नहीं चलेगा। भविष्य में दोबारा कोई आक्रामकता नहीं होगी, इसकी पक्की गारंटी अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने यूरोपीय संघ की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए।
यूरोपीय संघ पर साधा निशाना, कोस्टा ने दिया भरोसा
पेजेश्कियन ने यूरोपीय संघ की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान पर हुए हमलों की खुलकर निंदा नहीं की। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। जवाब में एंटोनियो कोस्टा ने ईरान को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के देश किसी भी आक्रामक कार्रवाई का समर्थन नहीं करते हैं। कोस्टा ने खतरनाक आर्थिक और राजनीतिक परिणामों से बचने के लिए तुरंत तनाव कम करने की अपील की।


