नेपाल की राजनीति में बालेन शाह का बड़ा धमाका, सत्ता संभालते ही कैबिनेट मंत्री को किया बर्खास्त

Nepal News: नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने सत्ता संभालते ही कड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाया है। बालेन शाह ने महज पंद्रह दिन के भीतर ही श्रम मंत्री दीपक कुमार शाह को पद से बर्खास्त कर दिया है। सत्ताईस मार्च को उन्होंने शपथ ली थी। इस बड़े फैसले से देश की राजनीति में भारी हड़कंप मच गया है। इस पूरी कार्रवाई से एक कड़ा संदेश गया है।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की अहम सिफारिश

प्रधानमंत्री का यह बड़ा कदम राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सीधी सिफारिश पर उठाया गया है। पार्टी की अनुशासन समिति ने मंत्री के खिलाफ एक विस्तृत जांच की थी। इस गहन जांच में दीपक कुमार शाह को आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन का पूरी तरह दोषी पाया गया। इसके बाद पार्टी प्रमुख रवि लामिछाने ने इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने तुरंत प्रभाव से सख्त कार्रवाई की मांग की। सरकार ने इसे तुरंत लागू किया।

मंत्री पर लगे पद के भारी दुरुपयोग के आरोप

बर्खास्त किए गए मंत्री दीपक शाह पर पद के भारी दुरुपयोग का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने अपनी पत्नी को पद पर रखने के लिए दबाव डाला। उनकी पत्नी हेल्थ इंश्योरेंस बोर्ड में शामिल थीं। यह सरकारी पद लंबे समय से पूरी तरह निष्क्रिय था। फिर भी मंत्री ने अपने रसूख का काफी गलत इस्तेमाल किया। पार्टी ने इसे अपने मूल सिद्धांतों और छवि के खिलाफ माना है। इसीलिए यह बेहद कड़ा कदम उठाया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री को भी दी गई कड़ी चेतावनी

इस अहम मामले की गूंज सिर्फ एक मंत्री की बर्खास्तगी तक ही सीमित नहीं रही है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने इस लापरवाही के लिए स्वास्थ्य मंत्री को तलब किया। स्वास्थ्य मंत्री को मामले को गंभीरता से न लेने पर कड़ी चेतावनी दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि देश में भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस ऐतिहासिक फैसले ने पूरे नेपाल के सिस्टम में मजबूत ऊर्जा भर दी है।

सत्रह देशों के विदेशी राजदूतों की संयुक्त बैठक

प्रधानमंत्री का पद संभालते ही बालेन शाह ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने भारत, चीन और अमेरिका समेत सत्रह देशों के विदेशी राजदूतों की संयुक्त बैठक बुलाई। नेपाल के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है। इससे पहले प्रधानमंत्री हमेशा सभी राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात करते थे। इस शानदार पहल ने कूटनीतिक गलियारों में काफी ज्यादा चर्चा बटोरी है। यह नेपाल की नई विदेश नीति का एक मजबूत हिस्सा है।

मंत्रियों को याद दिलाया गया आचार संहिता नियम

इस संयुक्त बैठक के ठीक दिन विदेश मंत्रालय ने भी बड़ा कदम उठाया। मंत्रालय ने सभी कैबिनेट मंत्रियों को दो हजार ग्यारह के राजनयिक कोड ऑफ कंडक्ट की जानकारी दी। इस विशेष नियम का मुख्य उद्देश्य विदेशी राजनयिकों के साथ बातचीत में पूरी पारदर्शिता लाना है। सरकार चाहती है कि मंत्री कूटनीतिक मर्यादा का हमेशा सही से पालन करें। बालेन शाह के इन कड़े फैसलों से नेपाल में एक बड़े बदलाव की उम्मीद है।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories