ट्रंप ने ठुकराया पाकिस्तान का शांति प्रस्ताव, 45 दिनों के ईरान युद्धविराम पर फेरा पानी

Washington News: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध रोकने वाले सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की ने 45 दिनों के युद्धविराम का यह प्रस्ताव तैयार किया था। ट्रंप ने इस योजना को सीधे तौर पर ठुकरा कर पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। वाइट हाउस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसके साथ ही ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान अपनी पूरी गति से जारी है।

ट्रंप ने ठुकराया 45 दिन का सीजफायर प्रस्ताव

पिछले 38 दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच भीषण जंग जारी है। इस युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान खुद को मुख्य मध्यस्थ बता रहा है। पाकिस्तान ने मिस्र और तुर्की के साथ मिलकर एक खास योजना बनाई थी। इस दो चरणों वाले प्लान में 45 दिनों के युद्धविराम की बात थी। इसका मुख्य उद्देश्य स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत का रास्ता साफ करना था। लेकिन ट्रंप ने इस शांति प्रस्ताव को अपनी मंजूरी नहीं दी है।

दो चरणों वाले शांति प्लान की अहम बातें

इस प्रस्ताव में युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त रखी गई थी। योजना में कहा गया था कि बातचीत सकारात्मक रहने पर सीजफायर आगे बढ़ाया जाएगा। यह प्रस्ताव अमेरिका और ईरान को रविवार देर रात भेजा गया था। इसे जंग रोकने की एक आखिरी गंभीर कोशिश माना जा रहा था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को यह योजना सौंपी गई थी।

ट्रंप ने दी ईरान को बड़ी चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिशें नाकाम दिख रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने जंग को आक्रामक रूप देने की खुली चेतावनी दी है। ट्रंप ने मंगलवार तक होर्मुज समुद्री मार्ग खोलने का अल्टीमेटम दिया है। अगर ईरान ऐसा नहीं करता है, तो अमेरिका उसके अहम ठिकानों को तबाह करेगा। ट्रंप ने मंगलवार को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ मनाने की बात कही है। इससे उन्होंने सीधे तौर पर बुनियादी ढांचे पर हमले का संकेत दिया है।

बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति की इस चेतावनी से साफ है कि ईरान के अहम बुनियादी ढांचे निशाने पर हैं। अमेरिका अब ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर सीधे हवाई हमले करेगा। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार के लिए एक बहुत अहम समुद्री मार्ग है। ईरान ने इसे बंद करके अमेरिका को सीधी चुनौती दी है। ट्रंप किसी भी कीमत पर इस जलमार्ग को दोबारा खोलना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोकने के बजाय इसे और तेज करने का फैसला किया है।

ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान जारी

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार वाइट हाउस ने मध्यस्थों के दावों को खारिज कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ट्रंप सीजफायर के मूड में नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि ईरान के अंदर अमेरिकी सेना का अभियान पूरी ताकत से चल रहा है। वाइट हाउस ने इस शांति प्रस्ताव को महज कई विचारों में से एक विचार बताया है। इससे जाहिर होता है कि अमेरिका का रुख ईरान के प्रति बेहद सख्त बना हुआ है।

क्या युद्ध रोक पाएंगे मध्यस्थ देश

पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की अभी भी युद्ध रुकवाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पिछले हफ्ते दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत अचानक रुक गई थी। आमने-सामने की बैठक की संभावनाएं भी लगभग खत्म हो चुकी हैं। फिर भी मध्यस्थ देशों को ट्रंप के तय समय से पहले समाधान की उम्मीद है। ट्रंप ने इसके लिए मंगलवार रात आठ बजे का समय निर्धारित किया है। इसके बाद युद्ध की स्थिति और ज्यादा खराब होने की आशंका है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस से बड़े ऐलान की उम्मीद

पूरी दुनिया की नजरें अब वाइट हाउस पर टिकी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति जल्द ही एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले हैं। इसमें ईरान युद्ध पर अमेरिका की अगली रणनीति का खुलासा हो सकता है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप इस दौरान कोई नरमी नहीं दिखाएंगे। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वह अपनी कड़ी शर्तों पर पूरी तरह कायम रहेंगे। अगर ईरान मंगलवार तक पीछे नहीं हटता है, तो महायुद्ध छिड़ना लगभग तय है।

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