ट्रंप के अल्टीमेटम से पहले ईरान में भारी तबाही, इजरायल ने उड़ाया सबसे बड़ा गैस प्लांट

International News: ट्रंप की सख्त चेतावनी से ठीक पहले ईरान को बहुत बड़ा झटका लगा है। ईरान के प्रमुख ऊर्जा ठिकानों में से एक, साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर भयानक हमला हुआ है। यह हमला दक्षिणी बुशहर प्रांत के असलुयेह इलाके में किया गया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने इस भीषण हमले की आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है। इस घटना से मध्य पूर्व में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।

ईरान के सबसे बड़े गैस क्षेत्र पर इजरायल का सीधा हमला

ईरानी मीडिया के अनुसार, साउथ पार्स गैस क्षेत्र में स्थित ऊर्जा सुविधाओं को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने शुरुआत में इस हमले की जानकारी दी थी। इन रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से अमेरिका और इजरायल को इस बड़े हमले के लिए दोषी ठहराया गया था। हालांकि, हमले के तुरंत बाद किसी भी देश ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली थी। लेकिन बाद में इजरायल ने इसे मान लिया।

इजरायल के रक्षा मंत्री ने हमले की आधिकारिक पुष्टि की

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इस सैन्य कार्रवाई पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोमवार को सार्वजनिक रूप से ईरान के असलुयेह पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमले की पुष्टि की। काट्ज ने बताया कि इजरायली बलों ने ईरान के इस सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल संयंत्र को जानबूझकर अपना निशाना बनाया है। यह संयंत्र ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सीधे हमले के बाद ईरान की ऊर्जा आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित होगी।

ईरान के पेट्रोकेमिकल उत्पादन पर बहुत गहरा असर पड़ेगा

रक्षा मंत्री काट्ज ने अपने बयान में इस बात पर खास जोर दिया कि असलुयेह संयंत्र एक प्रमुख लक्ष्य था। यह संयंत्र ईरान के कुल पेट्रोकेमिकल उत्पादन में लगभग पचास प्रतिशत का भारी योगदान देता है। इसलिए इस संयंत्र का तबाह होना ईरान के लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक झटका साबित होगा। यह हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था को तोड़ने का एक प्रयास है। इजरायल का यह कदम गंभीर होगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी थी गंभीर चेतावनी

इस ताजा हमले से कुछ समय पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ी चेतावनी जारी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान अपनी आक्रामक गतिविधियों से पीछे नहीं हटता है, तो उसके ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने विशेष रूप से बिजली संयंत्रों और पुलों पर संभावित हमलों की स्पष्ट बात कही थी। उनकी इस धमकी के ठीक बाद गैस क्षेत्र पर इजरायल का यह हमला स्थिति को खतरनाक बना रहा है।

मार्च के महीने में भी इजरायल ने किया था ऐसा हमला

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब साउथ पार्स इलाके को निशाना बनाया गया है। इससे पहले मार्च के महीने में भी इजरायल ने इसी प्राकृतिक गैस क्षेत्र की कई सुविधाओं पर जोरदार हमला किया था। उस हमले के बाद भी दोनों देशों के बीच काफी बयानबाजी हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने भी पश्चिम एशिया में तेल और प्राकृतिक गैस से जुड़े कई महत्वपूर्ण स्थलों को अपना निशाना बनाया था।

ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ऊर्जा क्षेत्र पर निर्भर

यह समझना बहुत जरूरी है कि ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से उसके तेल और गैस उत्पादन पर निर्भर करती है। साउथ पार्स गैस क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडारों में से एक माना जाता है। ऐसे में इजरायल द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाना ईरान के लिए एक बहुत गहरी चोट है। इस हमले के बाद वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

मध्य पूर्व में युद्ध भड़कने की बहुत ज्यादा आशंका

इस बड़े हमले के बाद अब पूरे मध्य पूर्व में एक भयानक युद्ध छिड़ने की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ईरान ने अभी तक इजरायल की इस कार्रवाई का कोई सैन्य जवाब नहीं दिया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान चुप नहीं बैठेगा और वह जल्द ही कोई बड़ी जवाबी कार्रवाई कर सकता है। अमेरिका और इजरायल दोनों ही ईरान के किसी भी कदम का जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

दुनिया भर के देश शांति बनाए रखने की कर रहे हैं अपील

इन बिगड़ते हुए हालात को देखते हुए दुनिया भर के कई देश अब गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन दोनों पक्षों से तुरंत शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। हालांकि, जिस तरह से अमेरिका और इजरायल आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, उसे देखकर फिलहाल किसी शांति समझौते की उम्मीद बहुत कम नजर आ रही है। आने वाले दिन इस क्षेत्र के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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