अमेरिका-ईरान डील: डोनाल्ड ट्रंप ने चली ऐसी चाल कि बदल जाएगी दुनिया, अरबों डॉलर का होगा बड़ा फैसला!

Delhi News: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बेहद गोपनीय कूटनीतिक बातचीत के दौरान एक बहुत बड़ा वैश्विक घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच एक ऐतिहासिक और संभावित शांति समझौते की बड़ी तैयारी पूरी हो चुकी है।

इस बड़े समझौते के तहत ईरान को कतर के बैंकों में फंसे उसके 6 अरब डॉलर (करीब 50 हजार करोड़ रुपये) के फॉरेन एसेट्स तक दोबारा पहुंच मिल सकती है। हालांकि इन फंड्स के इस्तेमाल पर कई सख्त शर्तें लागू होंगी और इनका प्रयोग केवल मानवीय जरूरतों के लिए ही किया जा सकेगा।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार यह प्रस्तावित व्यवस्था वॉशिंगटन और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे चल रही बातचीत का मुख्य हिस्सा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की दिशा में बड़ी प्रगति देखी गई है।

अगर दोनों देश शांति समझौते की शर्तों को पूरी तरह मान लेते हैं, तो ईरान को चरणबद्ध तरीके से इन रोके गए फंड्स का इस्तेमाल करने की छूट दी जाएगी। यह पैसा मूल रूप से ईरान के तेल निर्यात से जुड़ा है, जो काफी समय से अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय बैंकों में फंसा हुआ था।

साउथ कोरिया से कतर कैसे पहुंचा यह पैसा?

यह अरबों डॉलर का फंड पहले साउथ कोरिया के बैंकों में सुरक्षित जमा था। साल 2023 में दोनों देशों के बीच हुए कैदियों की अदला-बदली के एक समझौते के तहत इस बड़ी धनराशि को कतर के विशेष प्रतिबंधित खातों में ट्रांसफर किया गया था।

इसके बाद अक्टूबर 2023 में हमास के अचानक हुए हमले और मिडिल ईस्ट में बढ़े भारी तनाव के चलते अमेरिका ने ईरान की इस फंड तक पहुंच को तुरंत रोक दिया था। तब से यह भारी-भरकम राशि पूरी तरह से फ्रीज पड़ी हुई थी, जिसे अब शर्तों के साथ खोला जा रहा है।

60 दिन के संघर्ष विराम पर टिकी है पूरी योजना

प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को 60 दिन के बढ़ाए गए संघर्ष विराम के दौरान धीरे-धीरे फंड्स तक पहुंच दी जाएगी। इसके बदले ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को समुद्री जहाजों के लिए सामान्य रूप से खोलना होगा। ईरान इन पैसों से सिर्फ दवाएं, खाद्य सामग्री और गैर-प्रतिबंधित वस्तुएं ही खरीद पाएगा।

दूसरी तरफ ईरान के सरकारी मीडिया का दावा है कि उन्हें इस अंतरिम अवधि में 12 अरब डॉलर तक के फॉरेन एसेट्स मिल सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक दुनिया के अलग-अलग देशों जैसे चीन, भारत और इराक में ईरान की लगभग 24 अरब डॉलर की संपत्तियां फंसी हुई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने दिया बड़ा संकेत, वैश्विक बाजार पर होगा असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की संपत्तियों पर प्रतिबंधों में ढील दिए जाने की संभावना का खुलकर बचाव किया है। ट्रंप का साफ कहना है कि ईरान को मिलने वाली कोई भी राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि वह परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार से जुड़े मुद्दों पर कितना सहयोग करता है।

दुनिया भर के आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच यह बड़ी डील पूरी तरह सफल रहती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा सुधार होगा। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के पूरी तरह खुलने से वैश्विक तेल सप्लाई सुधरेगी और तेल की कीमतें कम हो सकती हैं।

Author: Pallavi Sharma

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