Tehran News: अमेरिका ने ईरान पर अपने सैन्य हमलों को और तेज कर दिया है। अमेरिकी सेना ने इस बार ईरान के उत्तरी इलाकों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इस ताजा टकराव से दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम समझौता लगभग खत्म हो गया है।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इन अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान पहली बार ईरान की राजधानी तेहरान के आस-पास के इलाकों को निशाना बनाया गया है। सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है।
अमेरिकी सेना ने सेमनान प्रांत पर भी बमबारी की है। ईरान इसी इलाके से अपना बैलिस्टिक मिसाइल प्रोडक्शन और स्पेस प्रोग्राम चलाता है। अमेरिका ने बुधवार को भी कई हवाई हमले किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ग्रेटर तुंब द्वीप पर मिसाइल ठिकानों को तबाह किया गया।
अमेरिका ने तेल टैंकर पर दागी मिसाइल
इसी बीच अमेरिकी सेना ने कुराकाओ के झंडे वाले एक तेल टैंकर ‘बेल्मा’ पर गोलीबारी का दावा किया है। यह जहाज फारस की खाड़ी में ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप की तरफ बढ़ रहा था। चेतावनी के बाद भी रास्ता न बदलने पर अमेरिकी विमान ने मिसाइल दागकर इसे बेकार कर दिया।
अमेरिका और इजराइल ने जब 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ जंग शुरू की थी, तब तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। इस कदम से दुनिया भर में तेल और अन्य जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए थे। इससे वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया था और ईरान की स्थिति मजबूत हुई थी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बढ़ी चुनौती
तेल की बढ़ती कीमतें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत बन गई हैं। रिपब्लिकन पार्टी नवंबर में होने वाले चुनावों में कांग्रेस पर अपना कब्जा बनाए रखना चाहती है। हालांकि, अमेरिकी सेना अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खुलवाने में नाकाम रही है।
इस संकट के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को ईरान पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है। इसके जवाब में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका समझौते की शर्तें नहीं मानता, तो ईरान पूरी तरह से बड़े सैन्य टकराव का सामना करने के लिए तैयार है।
ईरान ने दी तेल सप्लाई रोकने की चेतावनी
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की यह नाकेबंदी जारी रही, तो वे पूरे मध्य पूर्व से तेल और गैस का एक्सपोर्ट रोक देंगे। उन्होंने साफ कहा कि या तो इस क्षेत्र से तेल का एक्सपोर्ट सभी के लिए होगा या फिर किसी के लिए भी नहीं होगा।
दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान शांति समझौता करना चाहता है, हालांकि उन्होंने इसकी कोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने पेनसिल्वेनिया के आर्मी वॉर कॉलेज में कहा कि ईरान को हमारी कार्रवाई पसंद नहीं आ रही है। अब देखना होगा कि उनके साथ समझौता होता है या हम इसे खत्म करते हैं।

