New York News: दुनिया के सबसे खतरनाक डायनासोर टायरानोसॉरस रेक्स यानी टी-रेक्स का एक दुर्लभ कंकाल नीलामी के लिए पूरी तरह तैयार है। इस विशालकाय जीव के जीवाश्म को खरीदने के लिए दुनिया भर के बड़े अरबपतियों ने गहरी दिलचस्पी दिखाई है। बाजार में इसकी भारी मांग देखी जा रही है।
इस अद्भुत कंकाल की कीमत करीब 2 से 3 करोड़ डॉलर के बीच आंकी गई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 1.92 अरब से 2.88 अरब रुपये बैठती है। यह कंकाल इतिहास के सबसे महंगे बिकने वाले जीवाश्मों की सूची में शामिल होने के बेहद करीब है।
जानिए कितना पुराना है ‘गस’ डायनासोर का कंकाल
इस बेहद खास टी-रेक्स कंकाल को विशेषज्ञों ने ‘गस’ नाम दिया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह जीवाश्म करीब 6.7 करोड़ साल पुराना है। इसे अमेरिका के साउथ डकोटा राज्य की हार्डिंग काउंटी से काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
इस जगह पर साल 2021 में खुदाई का काम शुरू किया गया था। जमीन के नीचे से हड्डियों को निकालने में विशेषज्ञों को तीन साल का वक्त लगा। इसके बाद वैज्ञानिक तरीके से इसे जोड़कर पूरे कंकाल का रूप दिया गया, जो बेहद ताकतवर शिकारी था।
न्यूयॉर्क के सोथबीज में सजेगी दुर्लभ जीवाश्म की बोली
इस प्राचीन कंकाल की भव्य नीलामी न्यूयॉर्क के मशहूर ऑक्शन हाउस सोथबीज में आयोजित होने जा रही है। इससे पहले साल 2024 में एक स्टेगोसॉरस का कंकाल 4.46 करोड़ डॉलर में बिका था। हालांकि इस महंगी नीलामी ने विज्ञान जगत की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
अध्ययन करने वाले कई फॉसिल एक्सपर्ट्स इस खुली बोली से काफी परेशान हैं। उनका मानना है कि जब ऐसे दुर्लभ ऐतिहासिक जीवाश्म किसी निजी व्यक्ति के पास चले जाते हैं, तो शोध कार्य प्रभावित होता है। ये चीजें सजावट के बजाय इतिहास समझने के काम आनी चाहिए।
जीवाश्मों के निजी हाथों में जाने से वैज्ञानिक क्यों हैं चिंतित
वैज्ञानिकों का तर्क है कि इस तरह की दुर्लभ खोजों को म्यूजियम या सरकारी शोध संस्थानों में रखा जाना चाहिए। इससे दुनिया भर के शोधकर्ताओं को अध्ययन करने का समान अवसर मिलता है। निजी संग्रह में जाने से इस पर रिसर्च के रास्ते बंद हो सकते हैं।
दूसरी तरफ कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि निजी निवेश के कारण ही ऐसे जीवाश्म जमीन से बाहर आ पाते हैं। यदि इसे खरीदने वाला कोई रईस व्यक्ति इसे किसी बड़े म्यूजियम को दान कर दे, तो यह विज्ञान और आम जनता दोनों के लिए बेहतर होगा।

