ओमान तट के पास कमर्शियल शिप पर अमेरिकी हमला, मारे गए भारतीय नाविकों के घरों में पसरा भयंकर मातम

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Oman News: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल शिप पर ओमान तट के पास बड़ा अमेरिकी हमला हुआ है। इस भयानक सैन्य कार्रवाई में मारे गए भारतीय नाविकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला निवासी शिवानंद चौरसिया के स्वजन गहरे सदमे में हैं।

मृतक नाविक की पत्नी सुशीला ने बताया कि उनके पति रोजाना दिन में तीन बार फोन करते थे। आखिरी बातचीत में उन्होंने सब ठीक बताया था। बुधवार को जब उनका कॉल नहीं आया, तो मन घबराने लगा। अगले ही दिन सुबह उन्हें पति की दर्दनाक मृत्यु की खबर मिल गई।

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इस भीषण हमले में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी 23 वर्षीय आदित्य शर्मा की भी मौत हो गई। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनकी असामयिक मृत्यु से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

नौ महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर सिंगापुर की कंपनी में थे कार्यरत

जहाज के चालक दल में शामिल 38 वर्षीय शिवानंद चौरसिया पोत पर बतौर इंजन फिटर कार्यरत थे। उनके छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया इस समय दुबई में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि शिवानंद दिसंबर 2025 से नौ महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर सिंगापुर की एमटी सेट्टेबेलो पोत पर थे।

इससे पहले वह पुणे में वेल्डर फिटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। नौ जून को हुई अंतिम बातचीत में शिवानंद ने बताया था कि पोत सिंगापुर से ओमान की तरफ जा रहा है। उस समय उन्होंने वहां की परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित बताई थीं।

बुधवार रात को शिपिंग एजेंट ने अचानक शिवानंद के लापता होने की पहली जानकारी दी। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे भाई ने अपनी भाभी सुशीला देवी को इस दुखद घटना से अवगत कराया। सुशीला उस समय अपने मायके में छुट्टियां बिताने गई हुई थीं।

परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए जॉइन की थी मर्चेंट नेवी

नाविक शिवानंद ने नौ जून को अपनी मां कलावती देवी और पिता रामजी चौरसिया से भी बात की थी। तब उन्होंने तीन महीने बाद घर आने का वादा किया था। पिता ने रोते हुए बताया कि परिवार की माली हालत सुधारने के लिए बेटा मर्चेंट नेवी में गया था।

दिसंबर 2025 में जब बेटे का चयन हुआ, तो पूरे परिवार की आंखों में सुनहरे सपने तैरने लगे थे। दो महीने पहले ही शिवानंद ने दो लाख रुपये घर भेजे थे। हाईस्कूल पास शिवानंद ने पुणे में तकनीकी काम सीखा और लखनऊ तथा मुंबई में ट्रेनिंग ली थी।

दो साल पहले जब उनकी बेटी वानिका का जन्म हुआ था, तब वह आखिरी बार घर आए थे। मगर जिम्मेदारी के कारण वह केवल 12वें दिन ही वापस काम पर लौट गए। अब उनकी मौत की खबर से बूढ़े माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्कॉटलैंड से हासिल की थी उच्च नौवहन अभियांत्रिकी की डिग्री

हिमाचल के भालू गांव निवासी मृतक आदित्य के पिता राजेश शर्मा जालंधर की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। वहीं उनकी माता एक गृहिणी हैं। आदित्य ने 12वीं तक की पढ़ाई जालंधर से की थी। इसके बाद उन्होंने चेन्नई से मर्चेंट नेवी का कोर्स किया।

उन्होंने स्कॉटलैंड से नौवहन अभियांत्रिकी (नेवल इंजीनियरिंग) की उच्च शिक्षा हासिल की थी। पिता राजेश शर्मा ने स्थानीय जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने केंद्र सरकार से बेटे के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बताया कि इस गंभीर मामले को विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया गया है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास नाविकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र स्वदेश लाने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने भी सहायता का आश्वासन दिया है।

Author: Pallavi Sharma

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