Jharkhand News: संताल परगना में मानसून के प्रवेश की घोषणा हो चुकी है। इसके बावजूद झमाझम बारिश का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। रांची मौसम केंद्र ने शुक्रवार को ही मानसून आने की बात कही थी। लेकिन पाकुड़ को छोड़कर कहीं भी राहत नहीं मिली है। गोड्डा में तो एक बूंद पानी नहीं गिरा है।
बारिश नहीं होने से किसान बहुत ज्यादा परेशान और निराश हैं। नौ जून से मृगशिरा नक्षत्र शुरू हो गया है। फिर भी खेतों में धूल उड़ रही है। पानी के अभाव में खेत पूरी तरह सूख चुके हैं। इस वजह से किसान अभी तक धान का बिचड़ा नहीं गिरा पाए हैं।
गोड्डा में बारिश का भारी संकट
इस बार धान की रोपनी के लिए 51 हजार पांच सौ हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। गोड्डा जिले की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बनी हुई है। कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बारह से चौदह जून तक यहां बिल्कुल बारिश नहीं हुई। सामान्य से पैंसठ प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
विभाग के अनुसार जून महीने में गोड्डा में औसतन 186.9 मिलीमीटर बारिश होती है। इस वर्ष अब तक केवल 18.2 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। बीते साल इसी अवधि के दौरान 36.7 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। पहली बार मानसून की घोषणा के बाद भी इलाके से बारिश पूरी तरह नदारद है।
अलनीनो के कारण कमजोर पड़ा मानसून
मौसम और कृषि वैज्ञानिक रजनीश प्रसाद ने इस सूखे की वजह बताई है। उनका कहना है कि इस समय सुपर अलनीनो बहुत ज्यादा सक्रिय है। इसी कारण से मानसून कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग ने भी पहले ही भविष्यवाणी की थी कि जून महीने में बारिश अपेक्षाकृत काफी कम रह सकती है।
हालांकि किसानों के लिए एक अच्छी खबर भी सामने आ रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम की परिस्थितियां अब अनुकूल हो रही हैं। अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है। धीरे-धीरे मानसून फिर से सक्रिय रूप ले रहा है।
Author: Rohit Mahato


