Jharkhand TB Free Target: टीबी मरीजों के लिए सरकार का बड़ा फैसला, क्या साल 2029 तक खत्म हो जाएगी यह बीमारी?

Ranchi News: झारखंड सरकार ने राज्य को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम के तहत रांची के रेडिसन ब्लू होटल में एक स्टेट लेवल वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया।

देशभर के मेडिकल एक्सपर्ट्स ने टीबी पर की चर्चा

इस महत्वपूर्ण वर्कशॉप में स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारी और देश के जाने-माने डॉक्टर शामिल हुए। बैठक में झारखंड के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और केंद्रीय क्षय रोग विभाग के एडीजी डॉ. कमलेश कुमार ने हिस्सा लिया। इसके अलावा एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा भी मौजूद रहे।

डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, डॉ. अशोक कुमार भारद्वाज और डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधियों ने भी इस मंथन में भाग लिया। सभी विशेषज्ञों ने टीबी के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए अपनी राय साझा की। अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर और ज्यादा प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया।

स्मार्ट डिजिटल टेक्नोलॉजी से होगी टीबी की पहचान

केंद्रीय एडीजी डॉ. कमलेश कुमार ने कहा कि देश में टीबी के मामले अब भी एक बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने हाई रिस्क एरिया और वल्नरेबल कम्युनिटीज की पहचान करने की सलाह दी। उन्होंने टीबी मुक्त भारत मोबाइल ऐप और निक्षय मित्र कैंपेन को और मजबूत करने की बात कही।

इसके साथ ही गांवों में मोबाइल एक्स-रे यूनिट भेजने और कम्युनिटी बेस्ड केस डिटेक्शन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने एआई, डेटा एनालिटिक्स और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज नेटवर्क और लोकल गवर्नेंस को सक्रिय करने की अपील की।

साल 2029 तक झारखंड बनेगा पूरी तरह टीबी मुक्त

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने साल 2029 तक झारखंड को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार राज्य के हेल्थकेयर सिस्टम और मेडिकल एजुकेशन को मजबूत कर रही है। सरकार पब्लिक हेल्थ सर्विसेज को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

डॉक्टरों ने टीबी मरीजों के लिए डोर टू डोर स्क्रीनिंग, लगातार पेशेंट मॉनिटरिंग और टाइमली ट्रीटमेंट को जरूरी बताया। इसके साथ ही मरीजों को न्यूट्रिशन सपोर्ट देने की बात भी कही गई। वर्कशॉप में प्राइवेट सेक्टर पार्टिसिपेशन और निक्षय मित्र प्रोग्राम के विस्तार पर गंभीर चर्चा हुई।

Author: Rohit Mahato

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