नीट पेपर लीक पर बढ़ा बवाल, बेंगलुरु की सड़कों पर उतरे प्रकाश राज ने दी बड़ी चेतावनी, क्या हिल जाएगी सरकार?

Bengaluru News: बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में अभिनेता प्रकाश राज अचानक सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हो गए। उन्होंने परीक्षा धांधली के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बड़े विरोध प्रदर्शन को अपना खुला समर्थन दिया। मूसलाधार बारिश के बावजूद भारी संख्या में छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

यह विरोध प्रदर्शन देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है। छात्र संगठन हालिया हफ्तों में कई बड़े शहरों में लगातार रैलियां कर रहा है। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं पर सरकार को घेरा है। उन्होंने इस पूरे घोटाले के मुख्य दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

बारिश में भीगते हुए प्रकाश राज ने सरकार को लगाई तीखी फटकार

एक्टर प्रकाश राज सीधे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आंदोलन को धार दी। उन्होंने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ मंच साझा किया। उन्होंने बारिश में भीग रहे युवाओं के जज्बे को सलाम किया और सरकार को अपनी विफलता के लिए कटघरे में खड़ा किया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार अभिनेता ने कहा कि नेताओं को अब राजनीति छोड़ अपना काम करना चाहिए। देश का युवा अपने सपनों को बचाने के लिए अब सड़कों पर उतर आया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बुजुर्ग राजनेता युवाओं का हक छीन रहे हैं, जिन्हें अब हट जाना चाहिए।

एक्स पर पोस्ट कर अभिनेता ने जनता से की इस शांतिपूर्ण आंदोलन में जुड़ने की अपील

बेंगलुरु पहुंचने से पहले प्रकाश राज ने एक्स पर अपनी भागीदारी को लेकर एक बड़ी घोषणा की थी। उन्होंने देश की जनता से छात्रों के इस शांतिपूर्ण आंदोलन को मजबूत करने का आग्रह किया था। उन्होंने लिखा कि वे सरकार को उसकी नाकामियों के लिए पूरी तरह जवाबदेह बनाकर ही दम लेंगे।

अभिनेता ने पूर्व में दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल न हो पाने पर दुख भी जताया था। उन्होंने सोशल मीडिया यूजर को जवाब देते हुए लिखा था कि वे हमेशा छात्रों के इस हक की लड़ाई के साथ खड़े हैं। उन्होंने दिल्ली प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सोनम वांगचुक का आभार भी जताया था।

दिल्ली से लेकर पुणे और लखनऊ तक फैली छात्र आंदोलन की यह भीषण आग

बेंगलुरु का यह विशाल जमावड़ा देशव्यापी प्रदर्शनों की कड़ी का केवल एक हिस्सा है। इस बड़े अभियान की शुरुआत बीते छह जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से हुई थी। इसके बाद ग्यारह जून को पुणे, बारह जून को लखनऊ और तेरह जून को अमृतसर में युवाओं का गुस्सा फूटा।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान संगठन के फाउंडर अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने मीडिया से कहा कि जब तक इस्तीफा नहीं होता, शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आगामी बीस जून को दिल्ली चलो का नारा भी दिया।

सीबीएसई मार्किंग सिस्टम और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों ने बुलंद की अपनी आवाज

बेंगलुरु में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। युवाओं ने परीक्षा से जुड़ी विभिन्न चिंताओं को लेकर जमकर नारेबाजी की। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यह शांतिपूर्ण लड़ाई और उग्र होगी।

इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय नागरिक और कई सामाजिक संगठन भी छात्रों की मदद के लिए आगे आए हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों को एकजुट करने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि शिक्षा प्रणाली में जरूरी बदलाव लाया जा सके।

Reported By: Suresh Gowda

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