मौसम विभाग का महाअलर्ट! दिल्ली-UP समेत 11 राज्यों में अगले 15 घंटे में आंधी-तूफान और भारी बारिश की चेतावनी

Weather News: देश के कई हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और मॉनसून की सुस्ती के बीच अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत देश के 11 राज्यों में अगले 15 घंटों के भीतर भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी-तूफान का महाअलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से मॉनसून एक ही जगह पर अटका हुआ था। इसकी वजह से मैदानी इलाकों में शुष्क हवाओं और भीषण गर्मी का दौर जारी था। लेकिन अब बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण एक बहुत मजबूत वेदर सिस्टम बन गया है।

इसी नए सिस्टम के कारण अचानक उत्तर और मध्य भारत के एक बहुत बड़े हिस्से में मौसम ने तेजी से करवट ली है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान प्रभावित इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जिससे जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका जताई गई है।

इन 11 राज्यों के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

आईएमडी (IMD) ने जिन राज्यों के लिए यह चेतावनी जारी की है, उनमें उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं। इनके अलावा मध्य और पश्चिमी भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्रों के बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी दी है कि भारी बारिश के साथ-साथ इन सभी राज्यों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली (बिजली गिरने) का बड़ा खतरा है। स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों को सख्त सलाह दी है कि वे आंधी-तूफान के समय ऊंचे पेड़ों, साइनबोर्ड, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें।

तेज आंधी को देखते हुए कच्चे मकानों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है। इस खराब मौसम और खराब दृश्यता (विजिबिलिटी) के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे पर उड़ानों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।

देरी से पहुंचे मॉनसून ने बढ़ाई अन्नदाताओं की चिंता

देशभर में मॉनसून की सुस्ती और बारिश में हो रही लगातार देरी ने देश के अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। जून का आधा महीना बीत जाने के बाद भी मॉनसून के आगे न बढ़ने के कारण इसका सबसे गंभीर और सीधा असर देश के कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है।

खेतों में पर्याप्त पानी न होने के कारण धान, गन्ना, हरी सब्जियों और खरीफ की अन्य सभी प्रमुख फसलों की बुआई और शुरुआती विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसानों को उम्मीद है कि इस नए वेदर सिस्टम से होने वाली बारिश फसलों को थोड़ी राहत देगी, जिससे सूखे पड़े खेतों को नया जीवन मिल सकेगा।

Author: Shilla Bhatia

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