Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने शिमला में आईएएनएस न्यूज़ एजेंसी से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर इस संवेदनशील विषय का राजनीतिकरण करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल पहले अपने राज्यों के रिकॉर्ड को देखे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने माना कि नीट परीक्षा विवाद से पूरे देश के छात्रों में भारी असंतोष का माहौल है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम कर रहा है।
कांग्रेस शासित राज्यों में हुए रिकॉर्ड पेपर लीक
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता इस गंभीर संकट को आर्थिक चश्मे से देख रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान लगभग 22 बार परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भी लगभग 18 बार सरकारी भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक होने के मामले सामने आए थे।
जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की मौजूदा सुक्खू सरकार को भी राज्य की पुलिस भर्ती परीक्षा पर घेरा। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा हॉल के भीतर बड़े पैमाने पर नकल हुई थी। लगभग 20 लोग मिलकर पेपर हल कर रहे थे। हमारी मांग के बावजूद वर्तमान सरकार और पुलिस प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले को पूरी तरह दबा दिया।
भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप
अपनी पिछली सरकार का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब हमारी कैबिनेट के समय पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, तो हमने सुबह साढ़े आठ बजे ही उसे रद्द कर दिया था। हमने तुरंत जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया। बाद में निष्पक्षता के लिए पूरे केस की जांच केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को सौंप दी थी।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार सीबीआई जांच के दायरे में आए संदिग्ध अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नति दे रही है। सूबे के इतिहास में सुक्खू पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो दागी अफसरों को महत्वपूर्ण पदों पर पोस्टिंग देकर बचा रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर चिंता
राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल में अब कोई भी नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। ऊना जिले में सरेआम फायरिंग हो रही है, जिसमें युवा अपनी जान गंवा रहे हैं। सरकाघाट में कॉलेज जा रही एक 19 साल की मासूम छात्रा की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
उन्होंने शिमला की एक अन्य मृत महिला का जिक्र भी किया। पीड़िता ने पहले ही पुलिस को वीडियो और लिखित शिकायत देकर अपनी जान का खतरा बताया था। मुख्यमंत्री अब आरोपियों की गिरफ्तारी का श्रेय ले रहे हैं। यदि समय रहते पुलिस सुरक्षा मिलती तो वह आज जिंदा होती। सरकार केवल राजनीतिक जोड़-तोड़ में व्यस्त है।
Reported By: Sunita Gupta


