Hamirpur News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला में मानसून की पहली बारिश ने प्रशासन के बड़े दावों की पोल खोल दी है। नादौन में व्यास नदी पर बने मुख्य पुल पर सोमवार सुबह तेज बारिश के बाद करीब तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इस जलभराव के कारण पुल के दोनों तरफ वाहनों का एक किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
पुल पर अचानक हुए भारी जलभराव से वहां की स्थिति बेहद गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, नजारा देखकर ऐसा लग रहा था मानो नीचे बहने वाली व्यास नदी सीधे पुल के ऊपर से बह रही हो। इस वजह से वाहन चालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर वहां से गाड़ियां निकालनी पड़ीं। पैदल यात्रियों का चलना असंभव हो गया।
प्रशासन ने नहीं बनाया मानसून से पहले बेहतर ड्रेनेज सिस्टम
स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि यह गंभीर समस्या कोई नई नहीं है। पिछले साल भी मानसून के मौसम में इस पुल पर कई बार पानी जमा हुआ था। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जल निकासी का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। इस प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
इस साल भी मानसून सीजन शुरू होने से ठीक पहले विभाग ने कोई पुख्ता तैयारी नहीं की। पुल पर जल निकासी के लिए उचित ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया गया। वर्षा के पानी को दूर ले जाने के लिए नालियों का निर्माण भी नहीं हुआ। इसके चलते नादौन शहर का पूरा वर्षा जल सीधे इस मुख्य पुल पर आकर जमा हो रहा है।
कांगड़ा और हमीरपुर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग हुआ ठप
यह व्यस्त पुल कांगड़ा और हमीरपुर जिलों को आपस में जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। इस महत्वपूर्ण मार्ग से रोजाना हजारों वाहनों और स्थानीय लोगों की आवाजाही होती है। पहली ही बारिश में इस प्रमुख रूट पर भारी जलभराव होना सरकारी दावों और प्रशासनिक तैयारियों की जमीनी हकीकत को पूरी तरह बयां करता है।
स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि इस हाइवे पुल पर ड्रेनेज की स्थायी व्यवस्था तुरंत की जाए। मानसून की शुरुआत में ही सरकारी व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। यदि आने वाले दिनों में भारी बारिश हुई, तो स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है। विभाग को किसी बड़े हादसे से पहले कड़े कदम उठाने होंगे।

