Uttarakhand News: अल्मोड़ा में पशु क्रूरता का मामला, कुमाऊं महोत्सव से रेस्क्यू किए गए दो ऊंट जयपुर भेजे गए

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के अल्मोड़ा में पशु क्रूरता के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई हुई है। कुमाऊं महोत्सव में व्यवसायिक उपयोग के लिए लाए गए दो ऊंटों, राजू और मोती को पशु सुरक्षा सेवा समिति ने रेस्क्यू कर लिया है। ये ऊंट नौ वर्षों से कैद में थे। फिलहाल, दोनों को उनके प्राकृतिक पर्यावास जयपुर सुरक्षित भेज दिया गया है।

महोत्सव में ऊंटों का हो रहा था दुरुपयोग

महोत्सव संचालक शाहिद अंसारी बिजनौर से छह लाख रुपये में इन ऊंटों को खरीदकर लाए थे। वह महोत्सव में ऊंटों पर लोगों की सवारी कराकर पैसे कमा रहे थे। जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में ऊंटों का इस तरह व्यवसायिक उपयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। समिति को सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर संचालक को नियम समझाए थे।

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समिति की सचिव कामिनी कश्यप ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद संचालक 27 जून तक ऊंटों का इस्तेमाल करता रहा। नियमों का उल्लंघन होने पर समिति ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को दोपहर तीन बजे दोनों ऊंटों को सकुशल वापस रवाना कर दिया।

संचालक की दलील और रोजी-रोटी का संकट

ऊंट मालिक शाहिद ने बताया कि यह ऊंट ही उनकी आजीविका का एकमात्र जरिया थे। उन्होंने सात लाख रुपये का कर्ज लेकर इन्हें खरीदा था। अब ऊंटों के रेस्क्यू हो जाने से उनके परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। उनके चार बच्चे हैं और उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

कोतवाल योगेश उपाध्याय के अनुसार, पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रहा है। पहाड़ की जलवायु में ऊंटों को रखना उनके प्राकृतिक स्वभाव के विरुद्ध है। पशु सुरक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को पशुओं के साथ इस तरह की क्रूरता करने का कोई अधिकार नहीं दिया जा सकता है।

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