पेरिस में गूंजा पीएम मोदी का ‘AI मंत्र’, अमेरिका-चीन की रेस के बीच फ्रांस के साथ मिलकर रचा नया इतिहास

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Paris News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नियमन को लेकर जारी वैश्विक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े टेक उत्सव ‘विवाटेक 2026’ को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक मंच से साफ कहा कि प्रौद्योगिकी तभी वास्तविक प्रगति ला सकती है, जब इसकी पहुंच हर नागरिक तक हो। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भारत के विजन में तकनीक का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को समान रूप से लाभ पहुंचाना है।

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अमेरिका और चीन को फ्रांस का कड़ा जवाब

इस खास मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों भी पीएम मोदी के साथ मंच पर मौजूद रहे। राष्ट्रपति मैक्रों ने अमेरिका और चीन के बीच जारी एआई प्रतिस्पर्द्धा का जिक्र किया। उन्होंने यूरोप को इस रेस में एक स्वतंत्र और मजबूत खिलाड़ी बनाने की पुरजोर वकालत की।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने एआई के क्षेत्र में फ्रांस और भारत के बीच लगातार बढ़ रहे रणनीतिक सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया। हाल ही में अमेरिका द्वारा नवीनतम एआई मॉडल्स ‘एंथ्रोपिक’ के निर्यात पर रोक लगाने के बाद से पूरी दुनिया में इस तकनीक पर बहस छिड़ गई है।

पीएम मोदी ने समझाया AI का असली मतलब

वैश्विक टेक उद्यमियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने एआई की नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा कि भारत के लिए एआई (AI) का सीधा मतलब ‘ऑल इनक्लूसिव’ यानी सभी के लिए समावेशी विकास है, जो इंसानी जीवन को और बेहतर बनाएगा।

पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि एआई तकनीक का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवा, विकास की गति बढ़ाने और धरती को सुरक्षित रखने में होना चाहिए। विवाटेक 2026 में भारत की बतौर ‘एआई साझेदार देश’ भागीदारी इसी दूरदर्शी सोच और वैश्विक जिम्मेदारी को मजबूती से प्रदर्शित करती है।

सम्मेलन के बाद दोनों वैश्विक नेताओं ने भारतीय स्टार्ट-अप्स और इनोवेटर्स से सीधी बातचीत की। इस दौरान उद्योग, कनेक्टिविटी और हेल्थ-टेक के क्षेत्र में अत्याधुनिक व्यावहारिक समाधानों पर चर्चा हुई। विवाटेक के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल है।

इस वैश्विक प्रदर्शनी में भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग के विशेष पवेलियन स्थापित किए हैं। आयोजन में 80 से अधिक भारतीय डीप-टेक कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इससे भारत और फ्रांस के तकनीकी संबंधों को एक नई और ऐतिहासिक ऊंचाई मिलेगी।

Author: Gaurav Malhotra

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