Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद ही अजीबोगरीब और हैरान करने वाला प्रशासनिक मामला सामने आया है। यहां के बिल्थरा रोड तहसील क्षेत्र में राजस्व अभिलेखों के भीतर एक जीवित व्यक्ति को कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया। इस बड़ी लापरवाही पर अब जिला प्रशासन ने कड़ी दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बिल्थरा रोड तहसील के उप जिलाधिकारी शरद चौधरी ने रविवार को इस बेहद गंभीर मामले की पूरी आधिकारिक जानकारी मीडिया से साझा की है। उन्होंने बताया कि तहसील मुख्यालय में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सरया गांव के निवासी चंद्रशेखर ने उपस्थित होकर यह लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
खतौनी से जीवित किसान का नाम काटकर दूसरे को दिया मालिकाना हक
पीड़ित चंद्रशेखर ने उच्चाधिकारियों को बताया कि खतौनी के डिजिटल रिकॉर्ड में उसे मृत घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही उसके हिस्से की पैतृक भूमि पर अरविंद नामक एक अन्य व्यक्ति का नाम भी दर्ज कर दिया गया है। पीड़ित ने यह भी चौंकाने वाला खुलासा किया कि उस अरविंद नामक व्यक्ति की भी पहले ही मौत हो चुकी है।
समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने इस अनोखी शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद संबंधित लेखपाल को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड में तत्काल चंद्रशेखर का नाम दोबारा दर्ज करने के कड़े निर्देश जारी किए।
लापरवाह सरकारी कर्मचारियों को मिली सख्त सस्पेंशन की चेतावनी
जिलाधिकारी ने इसके साथ ही सख्त चेतावनी दी कि यदि इस आदेश का पालन तत्काल नहीं हुआ, तो संबंधित लापरवाह राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि श्याम सुंदर, चंद्रशेखर और राजेंद्र नामक तीन सगे भाई थे।
इन तीन भाइयों में से राजेंद्र की आठ साल पहले वर्ष 2018 में ही मृत्यु हो गई थी। इसके बाद वर्ष 2021 में जमीन के नामान्तरण प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन राजस्व कर्मी की भारी लापरवाही के कारण गलती से चंद्रशेखर को मृत दिखा दिया गया। इस बड़ी मानवीय भूल को अब दुरुस्त किया जा रहा है।
गलती करने वाला मुख्य राजस्व कर्मी पहले से चल रहा है सस्पेंड
एसडीएम शरद चौधरी ने बताया कि राजस्व अभिलेख में हुई इस तकनीकी त्रुटि को तुरंत सुधारने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। बहुत जल्द सरकारी कागजों में पीड़ित चंद्रशेखर का नाम पूर्ण सम्मान के साथ दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे उसे अपनी जमीन का मालिकाना हक वापस मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस पूरे जमीन घोटाले और घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार तत्कालीन राजस्व कर्मी आलोक पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। आरोपी कर्मचारी पहले से ही एक अन्य गंभीर भ्रष्टाचार के मामले में विभाग द्वारा निलंबित किया जा चुका है।
Author: Ajay Mishra


