कागजों पर चल रहे गेहूं क्रय केंद्र, ट्रैक्टर पर उपज लादकर भटक रहे बारा के किसान, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के बारा क्षेत्र में सरकारी दावों की हवा निकल गई है। किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए बने गेहूं क्रय केंद्र विवादों में घिर गए हैं। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

किसानों का कहना है कि क्षेत्र के कई क्रय केंद्र सिर्फ कागजों पर ही चल रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि इन केंद्रों पर न तो अनाज खरीद की कोई व्यवस्था है और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां मौजूद रहता है।

इस बड़ी लापरवाही के कारण अन्नदाता अपनी फसल को ट्रैक्टरों में भरकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। चिल्ला गौहानी गांव के रहने वाले पीड़ित किसान हरिशंकर ने बताया कि वे अपनी फसल बेचने के लिए सेहुंड़ा केंद्र जाने वाले थे।

भरोसा देकर गायब हुए केंद्र संचालक, बंद किया मोबाइल

किसान हरिशंकर ने केंद्र पर जाने से पहले वहां के संचालक पंचराज शुक्ला से फोन पर बात की थी। संचालक ने उन्हें पूरा भरोसा दिया कि वे गेहूं लेकर आएं, तुरंत तौल करा दी जाएगी। लेकिन जब किसान वहां पहुंचा तो नजारा बदला हुआ था।

क्रय केंद्र पर न तो अनाज तोलने की मशीन थी और न ही वहां कोई कर्मचारी मौजूद था। पीड़ित किसान का आरोप है कि जब उसने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो केंद्र संचालक पंचराज शुक्ला ने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया।

इसके बाद लाचार किसान अपनी उपज लेकर जसरा स्थित दूसरे गेहूं क्रय केंद्र पर पहुंचा। इस केंद्र के प्रभारी रोहित कुमार जायसवाल हैं। पीड़ित किसान का आरोप है कि जसरा केंद्र पर भी कर्मचारियों ने उसकी उपज की तौल नहीं की।

अतिरिक्त भाड़े और भटकाव से अन्नदाता बेहद परेशान

बिना तौल के किसान को बेहद निराश होकर अपने घर वापस लौटना पड़ा। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अनाज को एक केंद्र से दूसरे केंद्र तक ले जाने में भारी अतिरिक्त भाड़ा लग रहा है। इससे उनका समय और श्रम बर्बाद हो रहा है।

इस अव्यवस्था के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित किसान हरिशंकर ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) बारा को एक लिखित शिकायत पत्र सौंप दिया है।

किसान ने मांग की है कि इन फर्जी क्रय केंद्रों की तुरंत निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने क्षेत्र के पीड़ित किसानों की उपज की तत्काल तौल सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है।

एसडीएम ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

किसानों की इस गंभीर समस्या पर प्रशासनिक अमला अब पूरी तरह रेस हो गया है। बारा के एसडीएम डॉ. गणेश कनौजिया ने मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायत उनके संज्ञान में पूरी तरह आ चुकी है।

एसडीएम डॉ. गणेश कनौजिया ने इस पूरे मामले की त्वरित जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जांच के दौरान मौके पर क्रय केंद्र संचालित नहीं मिले, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

प्रशासन की इस चेतावनी के बाद भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। क्षेत्र के किसान अब जल्द से जल्द अपनी फसल की तौल शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस और राजस्व टीमें भी अब मुस्तैद दिखाई दे रही हैं।

Author: Ajay Mishra

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