Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना के पहले कॉरिडोर के बचे हुए हिस्से पर सेवाएं शुरू करने का उलटी गिनती प्रारंभ हो चुकी है। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो चलाने के लिए आज से मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त की चार सदस्यीय विशेष टीम तीन दिवसीय सुरक्षा ऑडिट शुरू करने जा रही है।
इस महत्वपूर्ण और बड़े सुरक्षा निरीक्षण से ठीक पहले उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार खुद कानपुर पहुंचे। उन्होंने शीर्ष तकनीकी अधिकारियों के साथ मिलकर नए रूट के सभी स्टेशनों का बहुत बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया। अफसरों ने मौके पर मिली छोटी-मोटी तकनीकी कमियों को तत्काल दुरुस्त करवाया।
दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी विस्तृत टेक्निकल रिपोर्ट
मेट्रो कॉर्पोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्र ने बताया कि सुरक्षा आयुक्त की चार सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम तीन दिनों तक शहर में ही डेरा डालेगी। यह टीम सभी नए स्टेशनों पर यात्री सुरक्षा, परिचालन प्रणाली, आपातकालीन तकनीकी व्यवस्थाओं और सिग्नलिंग प्रणाली की गहनता से जांच करके अपनी गोपनीय रिपोर्ट तैयार करेगी।
यह जांच दल वापस दिल्ली जाकर अपनी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट मुख्य सुरक्षा आयुक्त नीलाभ्रा सेन गुप्ता को सौंपेगा। इसके ठीक एक सप्ताह बाद मुख्य सुरक्षा आयुक्त स्वयं कानपुर आकर दो दिनों तक विभिन्न बिंदुओं की अंतिम जांच करेंगे। इसके बाद दो से तीन दिनों के भीतर इस रूट के लिए सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
जुलाई मध्य में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त होते ही इस नए रूट पर मेट्रो के विधिवत व्यावसायिक उद्घाटन के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संपर्क कर समय मांगा जाएगा। उम्मीद है कि आगामी 10 से 15 जुलाई के बीच इस रूट पर ट्रेन दौड़ने लगेगी।
इस उद्घाटन के साथ ही आईआईटी से नौबस्ता तक पूरा 23 किलोमीटर लंबा पहला कॉरिडोर पूरी तरह संचालित हो जाएगा। इस अंतिम चरण के विस्तार में दो बड़े अंडरग्राउंड स्टेशन झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर शामिल हैं। इसके अलावा पांच एलिवेटेड स्टेशन बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता को भी शामिल किया गया है।
Author: Ajay Mishra


