Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे विपक्ष पर तीखा निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने देश-दुनिया के तमाम राम भक्तों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
एसआईटी करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) पूरी निष्पक्षता से काम कर रहा है। जांच टीम जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई भी सबूत है, तो वह सीधे एसआईटी को सौंपे।
सीएम ने जोर देकर कहा कि इस मामले की पूरी सच्चाई सबके सामने आनी बेहद जरूरी है। उन्होंने राजनेताओं और आम लोगों को नसीहत दी कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी भी तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। जांच के दौरान की जाने वाली अनावश्यक टिप्पणियां कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
मर्यादा का पाठ याद दिलाकर मांगा 15 दिन का समय
राम भक्तों को मर्यादा का पाठ याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा, “प्रभु श्री राम ने हमें हमेशा धैर्य रखना सिखाया है। इसी धैर्य के बल पर हम सबने 500 वर्षों तक लंबा संघर्ष किया है। इस विवादित मामले में भी आप सभी केवल 15 दिन का इंतजार और करें।”
उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या धाम को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने की साजिश रचने वालों के बहकावे में बिल्कुल न आएं। सरकार इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अपराधी को कतई बख्शा नहीं जाएगा और उसे सख्त से सख्त सजा दी जाएगी।
विपक्ष के ‘दोगले चरित्र’ पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बिना किसी दल या नेता का नाम लिए विपक्ष के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग आज अचानक राम भक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, उनका असली चरित्र दोहरा है।
उन्होंने कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब यही लोग तरह-तरह के सवाल उठा रहे थे। आज राजनीतिक लाभ लेने के लिए ये लोग राम भक्तों के हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं। जनता विपक्ष की इस राजनीतिक चाल को अच्छी तरह समझती है और इनके बहकावे में नहीं आएगी।
Author: Harikarishan Sharma


