Uttar Pradesh News: लखनऊ में हाई कोर्ट के आदेश पर चैंबर तोड़े जाने के दौरान अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का मामला अब काफी गरमा गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने 18 से 20 मई तक तीन दिनों के पूर्ण कार्य बहिष्कार और सामूहिक अवकाश की घोषणा कर दी है।
राजधानी के सेंट्रल बार एसोसिएशन और लखनऊ बार एसोसिएशन ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। वकीलों के संगठनों ने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई है, जिससे न्यायिक कामकाज ठप होने के आसार हैं।
सेंट्रल बार एसोसिएशन ने बुलाई आपात बैठक
सेंट्रल बार एसोसिएशन की एक आकस्मिक आम सभा अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन महामंत्री अवनीश कुमार दीक्षित ने किया। सभा में भारी संख्या में मौजूद अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर निहत्थे वकीलों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज करने का सीधा आरोप लगाया।
गुस्साए अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने कानून व्यवस्था संभालने के बजाय वकीलों पर अकारण बल प्रयोग किया है। पुलिस का यह रवैया पूरी तरह से उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
न्यायिक कार्यों से पूरी तरह दूर रहेंगे अधिवक्ता
महामंत्री अवनीश दीक्षित ने बताया कि आमसभा के दौरान सर्वसम्मति से पांच महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए हैं। इसके तहत निर्णय लिया गया है कि लखनऊ जनपद के सभी न्यायालयों के अधिवक्ता तीन दिनों तक न्यायिक कार्य से पूरी तरह दूर रहेंगे। इसके बाद 20 मई को दोबारा आमसभा होगी।
इस आगामी बैठक में जिले की सभी बार एसोसिएशनों के प्रमुख पदाधिकारियों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि आंदोलन को और तेज किया जा सके। इसके साथ ही हाई कोर्ट में लंबित मुख्य याचिका में सेंट्रल बार के अध्यक्ष और महामंत्री को पक्षकार बनाने का भी बड़ा फैसला लिया गया है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग
अधिवक्ताओं ने ठाकुरगंज के इंस्पेक्टर ओमवीर सिंह सहित लाठीचार्ज की इस हिंसक घटना में शामिल करीब 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई की मांग की है। वकीलों का कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।
सेंट्रल बार एसोसिएशन ने इस झड़प में घायल और अस्पताल में भर्ती वकीलों को आंतरिक कोष से आर्थिक सहायता देने का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उधर, लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद नारायण शुक्ला उर्फ चच्चू ने भी सोमवार को आमसभा बुलाकर आगे की रणनीति तय करने की बात कही है।
Author: Ajay Mishra

