Jharkhand News: धनबाद जिले के मुनीडीह स्थित बीसीसीएल कोल वाशरी प्रोजेक्ट में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। ट्रक में कोयला डस्ट (स्लरी) लोडिंग के दौरान अचानक भारी मात्रा में मलबा गिर गया। इस मलबे की चपेट में आने से वहां कार्यरत चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे वाशरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी। स्थानीय प्रशासन और राहत दल ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाशरी में नियमित रूप से कोयला स्लरी को ट्रकों में लोड किया जा रहा था। इसी दौरान ऊपर जमा डस्ट का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर मजदूरों पर गिर पड़ा। वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वे मलबे के नीचे दब गए। वहां मौजूद अन्य कर्मियों और ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने अपने स्तर पर मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकालने की भरसक कोशिश की।
मृतकों की हुई पहचान, पुलिस ने दी जानकारी
पुटकी थाना प्रभारी वकार हुसैन ने इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान माणिक बाउरी, दिनेश बाउरी, दीपक बाउरी और हेमलाल गोप के रूप में हुई है। ये सभी स्थानीय निवासी थे और लंबे समय से यहां मजदूरी का काम कर रहे थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ सीआईएसएफ की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर भारी बवाल
मजदूरों की मौत की खबर फैलते ही उनके परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए। आक्रोशित लोगों ने चारों शवों को मुनीडीह कोल वाशरी के मुख्य गेट पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और बीसीसीएल में स्थायी नौकरी दी जाए। बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। प्रदर्शन के कारण वाशरी का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है और सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
बीसीसीएल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने कोयला खदानों और वाशरी में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीसीसीएल प्रबंधन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे, जिससे यह बड़ी दुर्घटना हुई। लोडिंग पॉइंट पर मजदूरों के काम करने के दौरान संभावित खतरों को नजरअंदाज किया गया। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और प्रबंधन के साथ वार्ता कराने की कोशिश कर रहे हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।


